पंजाब एकता पार्टी सुप्रीमो घर ED की छापेमारी, सुखपाल खैरा बोले- सरकार हमें डरा-धमका रही
चंडीगढ़। पंजाब एकता पार्टी के सुप्रीमो सुखपाल सिंह खैरा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निशाने पर हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने आज सुखपाल के घर छापा मारा है। मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी पासपोर्ट रैकेट मामले में यह कार्रवाई हुई है। न्यूज एजेंसी ने बताया कि, प्रवर्तन निदेशालय की टीम सुखपाल सिंह के घर आई और सर्चिंग की। प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, टीम ने सुखपाल के ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी पासपोर्ट रैकेट मामलों में जो छापे मारे हैं, उसमें उनके पंजाब के 5 स्थानों पर चंडीगढ़ में एक और दिल्ली में 2 ठिकानों पर कार्रवाई की गई है। कुछ जगह तो अभी भी छापेमारी चल रही है।

आप-कांग्रेस के MLA चुके हैं खैरा
सुखपाल सिंह खैरा आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस से शुरू किया था। हालांकि, अब तक उनका सियासी सफर उठा-पटक वाला रहा है। वर्ष 2007 में उन्होंने कपूरथला के भुलत्थ विधानसभा सीट से जागीर कौर को हराकर सभी को हैरान कर दिया था। उसके पश्चात् साल 2015 में कैप्टन अमरिंदर सिंह से मनमुटाव के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। फिर उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) का दामन थाम लिया। हालांकि, वर्ष 2018 में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप लगे और आम आदमी पार्टी ने उन्हें बर्खास्त कर दिया।

2019 में खुद की पार्टी बनाई
वर्ष 2019 के अप्रैल महीने में सुखपाल सिंह खैरा ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उसके बाद 22 अक्टूबर 2019 को उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लेने का ऐलान किया। जिसका ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि, 'आप ने मुझे असंवैधानिक तरीके से पार्टी से निकाला था।' बाद में उन्होंने एक नई पार्टी खड़ी की। जिसे पंजाब एकता पार्टी नाम दिया।

मैंने कुछ भी गलत नहीं किया: सुखपाल
आज छापेमारी पर सुखपाल ने कहा, "ईडी हमारे यहां आया। सरकार ने भेजा। जो लोग सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें इसी तरह घेरा जाता है और धमकी दी जाती है। विपक्ष के सदस्य के रूप में, यह पहली बार नहीं है जब यह मेरे साथ हो रहा है। मेरे पिता और मैं हमेशा न्याय और समर्थित सच्चाई के लिए लड़े हैं। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।"












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