World Bank LPI 2023: लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक में लंबी छलांग, 6 पायदान ऊपर पहुंचा भारत
विश्व बैंक के रसद प्रदर्शन सूचकांक 2023 में भारत ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की ओर जारी आंकड़ों को मुताबिक देश अब वर्ल्ड बैंक एलपीआई इंडेक्स के मामले में 38वें स्थान

World Bank Logistics Performance Index 2023: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 26 अप्रैल को कहा कि विश्व बैंक के रसद प्रदर्शन सूचकांक 2023 (World Bank LPI 2023) के भारत ने 6 स्थानों की छलांग लगाई है। भारत दुनिया के 139 देशों की सूची में अब 38वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत की ये स्थिति World Bank LPI के 7वें संस्करण में है। आंकड़ों के साथ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि भारत ने 6 एलपीआई इंडेक्स में से 4 ऐसे हैं जिनमें काफी मजबूती देखी गई।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह भारत की वैश्विक स्थिति की मजबूती संकेत है। लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बेहद अहम भूमिका निभाता है। मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के साथ एक बयान में कहा गया कि भारत अपनी रसद क्षमता में सुधार के लिए 2015 से कई पहल कर रहा है। विश्व बैंक ने रसद दक्षता बढ़ाने की दिशा में भारत के प्रयासों को महत्त्व दिया। 6 एलपीआई संकेतकों में से 4 पर भारत ने पिछले कुछ वर्षों में लागू की गई विभिन्न पहलों के पीछे उल्लेखनीय सुधार देखा है।
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मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने दोनों तटों पर बंदरगाह के प्रवेश द्वारों को भीतरी इलाकों में आर्थिक क्षेत्रों से जोड़ने वाले व्यापार से संबंधित सॉफ्ट और हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश किया है। आपूर्ति श्रृंखला दृश्यता मंच की सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत कार्यान्वयन के साथ प्रौद्योगिकी इस प्रयास का एक महत्वपूर्ण घटक रही है, जिसने देरी में उल्लेखनीय कमी लाने में योगदान दिया है।
NICDC का लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक प्रोजेक्ट कंटेनरों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग लागू करता है और कंसाइनीज़ को उनकी आपूर्ति श्रृंखला की एंड-टू-एंड ट्रैकिंग प्रदान करता है। इसका कार्यान्वयन 2016 में भारत के पश्चिमी हिस्से में शुरू हुआ था और 2020 में पूरे भारत के स्तर तक बढ़ा दिया गया था। पारदर्शिता, दृश्यता और व्यापार करने में आसानी की ऐसी पहलों के साथ, सीमा पार व्यापार सुविधा में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक परियोजना बंदरगाहों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है क्योंकि यह प्रदर्शन बेंचमार्किंग, भीड़भाड़, ठहराव समय, गति और पारगमन समय विश्लेषण पर जानकारी प्रदान करती है।
मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा भारत की रैंकिंग में सुधार करने में राष्ट्रीय रसद नीति (एनएलपी) ने भी अहम योगदान दिया। वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में यह भी शामिल किया कि सरकार ने व्यापार से संबंधित सॉफ्ट और हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश किया है, जो दोनों तटों पर पोर्ट गेटवे को भीतरी इलाकों में आर्थिक क्षेत्रों से जोड़ता है।
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