कहीं आप भी गधे को गधा समझने की गलती तो नहीं कर रहे? लगातार बढ़ रहे गधे की जनसंख्या से गदगद पाकिस्तान!
नई दिल्ली। कभी अपशब्द के रूप में तो कभी किसी को नीचा लिखाने के लिए। यानी कभी बेवकूफी का पर्याय तो कभी बेइज्जती का तरीका...गधे का नाम हमेशा से बदनाम रहा है, जबकि इसी परिवार के घोड़े और जेब्रा जैसे सम्मान के साथ रहते हैं। गधे हमेशा से अपमानित होते रहे हैं, लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि ये गधे किसी इकोनॉमी का बड़ा हिस्सा है। पाकिस्तान में लगातार बढ़ रहे गंधों की संख्या से सरकार गदगद है। हम जो आंकड़ें आपको बताने जा रहे हैं उसे जानने के बाद आप गधे को गधा समझने की भूल नहीं करेंगे।

पाकिस्तान में लगातार बढ़ रहे हैं गधे
पाकिस्तान में गधों की आबादी लगातार बढ़ रही है, जिससे वहां की सरकार खुश है। इकोनॉमी सर्वे में ये आंकड़े जारी किए गए, जिसके मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले यहां गधों की संख्या बढ़कर 5.7 मिलियन यानी करीब 57,00,000 हो गई है। गधों की लगातार बढ़ती संख्या पाकिस्तान की बिगड़ी आर्थिक स्थिति के लिए अच्छे संकेत हैं। 9 जून को इकोनॉमिक सर्वे 2021-22 में यह बात सामने आई , जिसके मुताबिक पाकिस्तान में गधों की संख्या में तेजी आई है। साल 2019-20 में यहां 5.5 मिलियन गधे तो वहीं 2020-21 में ये 5.6 मिलियन थे तो वहीं 2021-22 में 5.7 मिलियन हो गए।

पशुपालन पाकिस्तान का मुख्य व्यवसाय
पाकिस्तान में पशुपालन मुख्य व्यवस्था है। देस की अर्थव्यवस्था इस पर निर्भर करती है। पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कृषि और मवेशियों को काफी प्राथमिकता देता रहा है। पाकिस्तान में गधे बहुत खास हैं, क्योंकि यहां गधों का निर्यात होता है। पाकिस्तान गधों की आबादी के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर पर है। यहां बड़ी संख्या में गधों का निर्यात चीन में किया जाता है। जियो न्यूज के मुताबिक साल 2021-22 में पशुओं ने पाकिस्तान की जीडीपी में 14 फीसदी का योगदान दिया।

80 लाख लोग जुड़े इससे
यहां 80 लाख से अधिक लोग पशुपालन पर निर्भर करते हैं। यहां की सरकार आर्थिक विकास, फूड सिक्योरिटी और गरीबी से निपटने के लिए पशुपालन को बढ़ावा देती है। पशुपालन से साल 2020-21 में जहां 5269 अरब की आय हुई तो वहीं 2021-22 में 5441 अरब रुपए की बढ़ोतरी हुई है।

गधे का इस्तेमाल
पाकिस्तान में बड़ी संख्या में गधों का निर्यात किया जाता है। गधे पाकिस्तान के आय का बड़ा स्त्रोत हैं। चीन में गधे की खाल का इस्तेमाल किया जाता है। गधे की खाल से महंगी दवाईयां और शक्ति वर्धक दवाईयां बनाई जाती है। चीन में गधे की खाल और जिलेटिन से दवाईयां बनती है। यही वजह है कि चीन को दुनिया में गधों का सबसे बड़ा ब्रीडर कहा जाता है। यहां गधे की खाल से पारंपरिक दवाईयां तैयार की जाती है। इन दवाईयों का इस्तेमाल ब्लड प्रेशर, एनीमिया और प्रजनन संबंधी समस्याओं के इलाज में होता है।
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