Stock Market: अचानक क्यों आई शेयर मार्केट में तेजी? सेंसेक्स में जबरदस्त उछाल, फोकस में इस सेक्टर के शेयर
Why Stock Market Rising Today: भारतीय शेयर बाजार ने आज इतिहास रच दिया। प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई 'महा-डील' के असर से दलाल स्ट्रीट पर पैसों की बारिश हुई है। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में ऐसी छलांग लगी कि पिछले कई महीनों की सुस्ती हवा हो गई।
दरअसल, अमेरिका द्वारा भारत पर टैरिफ घटाकर 18% करने के फैसले ने निफ्टी और सेंसेक्स के सभी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं। 3 फरवरी को आई ऐतिहासिक तेजी पर मार्केट एक्सपर्ट गौतम दुग्गड़ (Gautam Duggad), जो मोतीलाल ओसवाल (MOFSL) में रिसर्च हेड हैं, ने CNBC आवाज पर विस्तार से अपनी राय दी है।

गौतम दुग्गड़ के अनुसार, इस जबरदस्त उछाल का सबसे बड़ा कारण भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील है। उन्होंने चर्चा के दौरान इन बिंदुओं पर जोर दिया।
- अनिश्चितता का अंत: ट्रेड डील फाइनल होने से बाजार में लंबे समय से बना डर खत्म हुआ है।
- इकोनॉमी में जोश: इस डील से देश की इकोनॉमी में 'Animal Spirits' (नया जोश) लौटेगा।
- बड़े सेक्टर्स में एक्शन: डील के कारण अब बड़े सेक्टर्स में भी सकारात्मक रिएक्शन देखने को मिलेगा।
- सेक्टर्स: उनके अनुसार कैपेक्स (Capex), फाइनेंशियल, टेक्नोलॉजी और कंजम्पशन सेक्टर्स में निवेश का आवंटन (Allocation) बढ़ेगा।
- कंपनियों के नतीजे: उन्होंने यह भी नोट किया कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे अब तक अनुमान के मुताबिक ही रहे हैं।
विभावंगल अनुकूलकरा प्रा. लि. के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्य के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच हुआ हालिया ट्रेड एग्रीमेंट दोनों देशों के लिए एक 'विन-विन' स्थिति है, जिससे बाजारों में जबरदस्त उत्साह और भरोसा बढ़ा है। इस समझौते की सकारात्मक झलक GIFT निफ्टी और घरेलू बाजार में आई तेजी से स्पष्ट होती है, जो न केवल भारतीय मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और सर्विसेज सेक्टर के लिए एक्सपोर्ट के नए द्वार खोलता है, बल्कि अमेरिका के लिए भी भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन और निवेश के बड़े अवसर प्रदान करता है।
बाजार का ताजा हाल: निफ्टी 26,300 के पार
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाजार खुलते ही निफ्टी ने 26,308.05 का हाई छुआ। सेंसेक्स में 3,500 अंकों की बढ़त देखी गई, जो अब तक की सबसे बड़ी सिंगल-डे तेजी में से एक है।
- निवेशकों की चांदी: बाजार खुलने के महज 15 मिनट के भीतर निवेशकों की संपत्ति में करीब 13 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
- मार्केट कैप का रिकॉर्ड: BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप उछलकर 468.32 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
- रुपया भी मजबूत: डॉलर के मुकाबले रुपया 90.40 के स्तर पर खुला, जो बाजार के लिए और भी सकारात्मक संकेत है।
कौन रहे मार्केट के टॉप गेनर्स?
आज बाजार में सबसे ज्यादा एक्शन उन कंपनियों में दिख रहा है जिनके नतीजे आने वाले हैं या जिनका अमेरिका से बड़ा व्यापार है। 3 फरवरी 2026 की सुबह शेयर बाजार में आई ऐतिहासिक तेजी के बीच Nifty 50 के टॉप गेनर्स की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- ADANIENT (अदाणी एंटरप्राइजेज): यह शेयर ₹2,188.10 की कीमत के साथ 9.66% उछलकर बाजार का 'टॉप गेनर' बना हुआ है।
- ADANIPORTS (अदाणी पोर्ट्स): इस शेयर में 7.31% की जबरदस्त तेजी देखी जा रही है और इसकी ताजा कीमत ₹1,505.60 पर पहुंच गई है।
- JIOFIN (जियो फाइनेंशियल): रिलायंस ग्रुप के इस शेयर में 6.64% का बड़ा उछाल है, जो ₹260.30 पर ट्रेड कर रहा है।
- INDIGO (इंडिगो): एविएशन सेक्टर में बढ़त के साथ यह शेयर ₹4,942.00 पर है और इसमें 5.44% की तेजी दर्ज की गई है।
- BAJFINANCE (बजाज फाइनेंस): आज आने वाले तिमाही नतीजों से पहले इस शेयर में हलचल है; यह 4.99% की बढ़त के साथ ₹948.80 पर कारोबार कर रहा है।
शेयर बाजार में ऐतिहासिक सुनामी के मुख्य 3 कारण क्या हैं?
- ऐतिहासिक India-US ट्रेड डील: डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है, जिससे भारत को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बड़ी बढ़त मिली है।
- रुपये की मजबूती और बॉन्ड यील्ड: डॉलर के मुकाबले रुपया 1% से ज्यादा मजबूत होकर 90.40 के स्तर पर पहुंच गया है। साथ ही, 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड गिरकर 6.72% पर आ गई है, जिसने निवेशकों के भरोसे को और पुख्ता किया है।
- टेक्सटाइल और अन्य सेक्टर्स में अपर सर्किट: ट्रेड डील की खुशी में टेक्सटाइल सेक्टर के लगभग सभी शेयरों में 20% का अपर सर्किट लग गया है। इसके अलावा ऑटो और श्रिम्प (झींगा) एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भी जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है।
इन सेक्टर्स पर हो रही है 'पैसों की बारिश'
टैरिफ में बड़ी कटौती (50% से 18% तक) का सीधा फायदा उन सेक्टर्स को मिल रहा है जो पिछले 5 महीनों से अमेरिकी टैक्स के बोझ तले दबे थे:
- IT और फार्मा: अमेरिका प्रमुख बाजार होने के कारण इन सेक्टर्स में भारी खरीदारी हो रही है।
- ऑटो और केमिकल्स: टैक्स कम होने से इन कंपनियों के मुनाफे में सीधे उछाल की उम्मीद है।
- जेम्स-ज्वैलरी और टेक्सटाइल: निर्यातकों के लिए यह डील किसी 'वरदान' से कम नहीं है।
Disclaimer: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। ऊपर दी गई जानकारी केवल बाजार के ताजा अपडेट और आंकड़ों पर आधारित है, इसे निवेश की सलाह न समझें।












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