आखिर क्या है भारत में EV का भविष्य, ग्राहकों के सामने 3 बड़ी मुश्किलें
पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल को कम करने और बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए भारत में इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों की शुरुआत की गई है। अच्छी बात यह है कि ईवी पर सरकार काफी ध्यान दे रही है और इसे आगे बढ़ाने में हर तरह की मदद मुहैया करा रही है ताकि लोग ईवी को खरीदें।
हालांकि सरकार की ओर से ईवी को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की स्कीम चलाई जा रही है लेकिन बावजूद इसके जिस रफ्तार से ईवी के आगे बढ़ने की उम्मीद की जा रही है उस रफ्तार से यह आगे नहीं बढ़ पाई है। ईवी खरीदने से पहले अभी भी लोगों के सामने कुछ बड़े सवाल हैं, जिसकी वजह से वह इसे खरीदने से कतराते हैं।

जब भी कोई ग्राहक ईवी के विकल्प के बारे में सोचता है तो उसके सामने तीन बड़े सवाल खड़े होते हैं। पहला सवाल इसकी चार्जिंग को लेकर, दूसरा इसकी इसकी कीमत को लेकर और तीसरा सवाल इसकी गुणवत्ता को लेकर।
ईवी की चार्जिंग हर किसी के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। ईवी की चार्जिंग में सामान्य चार्जिंग करने पर 6-8 घंटे लगते हैं। एक फुल चार्जिंग में गाड़ियां सामान्य तौर पर 300-400 किलोमीटर चलती हैं। हालांकि कुछ जगहों पर फास्ट चार्जिंग के विकल्प मौजूद हैं लेकिन जिस तुलना में ये होने चाहिए वह अभी भी नहीं हैं।
लेकिन तेजी से इस दिशा में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और प्राइवेट प्लेयर काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि 2025 तक ईवी की चार्जिंग समस्या नहीं रह जाएगी।
ईवी को लेकर दूसरे सवाल की बात करें तो इसकी कीमत अभी भी अन्य कारों की तुलना में अधिक है। तमाम सब्सिडी और छूट के बाद भी एक बेहतर छोटी ईवी कार 8-10 लाख रुपए के बीच आ रही है। ऐसे में इसकी कीमत एक बड़ी समस्या हैा। हालांकि आने वाले समय में चार्जिंज स्टेशन बढ़ने और अन्य कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा से ईवी के दाम कम हो सकते हैं।
भारत में दोपहिया ईवी की बात करें तो इस मामले में ओला सबसे ऊपर है। ओला का इस सेगमेंट में 34 फीसदी शेयर है। जबकि दूसरे नंबर पर अथर 13 फीसदी, टीवीएस 12 फीसदी, अंपेरे 10 फीसदी दो पहिया वाहनों के साथ चौथे नंबर पर है। 15 मई 2023 के आंकड़ों के अनुसार कुल 92023 ईवी दोपहियां गाड़ियां बिकी हैं, जिसमे से सर्वाधिक 31396 ओला की गाड़ियां हैं।
वहीं ईवी कारों की बात करें तो देश में वित्त वर्ष 2023 में कुल 2337761 ईवी कारें बिक चुकी हैं। 2022 की तुलना में 2023 में ईवी कारों की बिक्री में 174 फीसदी का उछाल आया है। 2022 में कुल 455773 कारें की बिक्री में बढ़ोत्तरी हुई थी, जोकि 2023 में बढ़कर 1247120 हो गई। उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 20 फीसदी ईवी कारें बिकी हैं, इसके बाद महाराष्ट्र में 10.15 फीसदी और दिल्ली में 8.85 फीसदी ईवी कारें बिकी हैं।












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