अनोखा बैंक, जहां चलती है सिर्फ भगवान राम की करेंसी, 1 लाख से ज्यादा अकाउंट होल्डर्स
इस बैंक में चलती है भगवान राम की करेंसी,1 लाख से ज्यादा खाताधारक
नई दिल्ली। आपके पास भी अपना बैंक खाता होगा, जहां आप अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित रखते हैं। अपने बैंक खाते की मदद से लेन-देन करते हैं, लेकिन आज जिस बैंक खाते के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं वो जरा हटकर है। ये अपनी तरह का अनोखा बैंक हैं, जहां की न केवल करेंसी अलग है बल्कि इस बैंक का न तो कोई चेकबुक है , न ही कोई पासबुक और न कोई ATM कार्ड है। इस बैंक की सभी सेवाएं बिल्कुल निशुल्क है।

अनोखा बैंक, जहां चलती है भगवान राम के नाम की मुद्रा
कुंभ 2019(Kumbh 2019) में एक अनोखा बैंक लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस बैंक में न कोई एटीएम है न चेक बुक। इस बैंक का नाम भी अनोखा है। ‘राम नाम बैंक' की सेवाएं लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। सबसे खास बात ये कि इस राम नाम बैंक में केवल ‘भगवान राम' की मुद्रा चलती है और ब्याज के रूप में आत्मिक शांति मिलती है।

इस बैंक का नहीं कोई चेकबुक न एटीएम
जी हां ये ऐसा बैंक है,जहां आत्मिक शांति की तलाश कर रहे लोग करीब एक सदी से पुस्तिकाओं में भगवान राम का नाम लिखकर जमा करा रहे हैं। इस बैंक के मैनेजर आशुतोष वार्ष्णेय के दादा ने 20वीं सदी की शुरुआत में ही इस संगठन की स्थापना की थी। अब आशुतोष इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। कुंभ मेले में आशुतोष अपना शिविर लगाया है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र है। लोग इस बैंक में भगवान राम के नाम की लिखी पुस्तिका जमाकर आत्मीय शांति पाते हैं।

1 लाख से ज्यादा खाताधारक
इस बैंक के 1 लाख से ज्यादा खाताधारक हैं। आशुतोष के मुताबिक अलग-अलग वर्ग और अलग-अलग धर्म के लोग इस बैंक के खाताधारक हैं। लोगों ने उर्दू, अंग्रेजी और बंगाली में भगवान राम का नाम लिखकर इस बैंक में जमा करवाया है। ये बैंक एक सामाजिक संगठन ‘राम नाम सेवा संस्थान' के तहत चलता है और कम से कम नौ कुंभ मेलों में इसे स्थापित किया जा चुका है। इस बैंक के सदस्यों के पास 30 पन्नों की एक पुस्तिका होती है, जिसमें 108 कॉलम में वे रोज 108 बार ‘राम नाम' लिखते हैं और उसे अपने खाते में जमा करवा देते हैं। पुस्तिका में भगवान राम का नाम लाल स्याही से लिखा जाता है।












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