1 सितंबर 2019 से बदल गए ये सारे नियम, जानिए ट्रैफिक, टैक्स और रेलवे से जुड़े नए बदलाव
Recommended Video
नई दिल्ली। 1 सितंबर 2019 यानी रविवार यानी कि आज से देश में बहुत कुछ बदल रहा है जिसका सीधा वास्ता आपकी और हमारी जेब से है। इन बदलावों से रोजमर्रा की जिंदगी पर काफी असर पड़ेगा। यह बदलाव बैंकिग, ट्रैफिक, बीमा, टैक्स, आधार और पैन से जुड़े कई नियमों में होने जा रहा है। कुछ बदलाव आपको राहत देंगे तो कुछ से आपको परेशानी हो सकती है। जैसे कि ई-वॉलेट के लिए केवाईसी भी कराना जरूरी है, नहीं तो आपका ई-वॉलेट बंद कर दिया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन रेल टिकट करना भी आपके लिए महंगा होने जा रहा है। अगर आप आज से हो रहे इन बदलावों को नहीं जानते हैं तो जरूर जान लें।

ट्रैफिक नियम तोड़ना अब पड़ेगा बहुत भारी, टैक्स मामलों को होगा जल्द निपटारा
1 सितंबर से मोटर वाहन एक्ट संशोधन लागू हो रहा है। इसके बाद ट्रैफिक नियम तोड़ना जेब पर भारी पड़ सकता है। 1 सितंबर से शराब पीकर गाड़ी चलाना, ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग आदि पर पहले के मुकाबले ज्यादा जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है। 1 सितंबर से आप ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन कहीं से भी कर सकते हैं। सड़क निर्माण में आई गड़बड़ी के कारण होने वाले हादसों की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी, ठेकेदार और कंपनी पर जुर्माना लगेगा।
वहीं पुराने टैक्स मामलों को निपटाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नई स्कीम लाई है। ये स्कीम 1 सितंबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगी। इस स्कीम में बकाया टैक्स चुकाया जा सकेगा। इस स्कीम में टैक्स चुकाने पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। टैक्स चुकाने के बाद ब्याज, पेनाल्टी से छूट भी मिलेगी। इसके तहत 50 लाख तक के टैक्स पर 70 फीसदी, 50 लाख से ज्यादा के टैक्स पर 50 फीसदी, 50 लाख तक देनदारी, अपील वापसी पर 60 फीसदी और 50 लाख से ज्यादा टैक्स, अपील वापसी पर 40 फीसदी छूट मिलेगी। इसके अलावा, इसने उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय के साथ अपील दायर करने के लिए सीमा को क्रमशः 1 करोड़ और 2 करोड़ रुपये कर दिया है।

1 मिनट से भी कम समय में होम, ऑटो और पर्सनल लोन, आसानी से बनेगा किसान क्रेडिट कार्ड
इस त्योहारी सीजन सरकारी बैंकों से 59 मिनट में होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन (Personal Loan in 59 minute) लेने की सुविधा मिलनी शुरू हो सकती है। कई सरकारी बैंकों की 1 सितंबर से ग्राहकों को नई सुविधा शुरू करने की योजना है। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) ने भी 'psbloansin59minutes' पर यह सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। वहीं 1 सितंबर से बैंकों को अधिकतम 15 दिनों में किसान क्रेडिट कार्ड जारी करना होगा। केंद्र सरकार इस संबंध में बैंको को गाइडलाइन जारी कर चुकी है। इसके अलावा 1 सितंबर से वाहन बीमा कंपनियां आपदा, तोड़फोड़, दंगा से होने वाले नुकसान को भी कवर करेंगी। अभी तक ये सभी चीजें वाहन बीमा में कवर नहीं होती थी, लेकिन 1 सितंबर से बीमा कंपनियां इनके कारण होने वाले नुकसान को भी कवर करेंगी।

बैंक अकाउंट से नकद निकासी पर TDS, फिक्ड डिपॉ़जिट रेट में कटौती
किसी बैंक, सहकारी बैंक या पोस्ट ऑफिस अकाउंट से एक साल में कुल एक करोड़ से ज्यादा की नकदी निकासी पर एक सितंबर से 2 फीसद टीडीएस लेवी लगेगा। सरकार ने यह कदम बड़ी मात्रा में नकदी की निकासी को हतोत्साहित करने और लेस कैश इकोनॉमी को प्रमोट करने के उद्देश्य से उठाया है। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने रिटेल डिपॉजिट पर ब्याज दर कम कर दी है। एक लाख रुपये तक के डिपॉजिट वाले ग्राहकों को सेविंग अकाउंट में 3.5 फीसद ब्याज मिलता रहेगा। हालांकि, एक लाख से ज्यादा डिपॉजिट वाले ग्राहकों के लिए यह दर 3 फीसद ही रहेगी। अब आप कोई प्रॉपर्टी खरीदेंगे, तो अन्य सुविधाओं जैसे- कार पार्किंग, विद्युत-पानी की सुविधा और क्लब मेंबरशिप जैसी अन्य सुविधाओं पर खर्च भी टीडीएस के दायरे में आएगा।

ई-वॉलेट के लिए केवाईसी बेहद जरूरी, पैन का आधार से लिंक हो नहीं तो
पेटीएम फोनपे या गूगलपे जैसे मोबाइल वॉलेट इस्तेमाल करने वाले लोगों को 31 अगस्त से पहले-पहले इसकी केवाईसी पूरी करनी होगी। एक सितंबर के बाद ऐसा ना कराने पर मोबाइल वॉलेट काम करना बंद कर देगा। RBI के दिशा निर्देश पर केवाईसी पूरी करने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया था। जिन लोगों ने अभी तक आधार नंबर को पैन से लिंक नहीं करवाया है उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नया पैन जारी करेगा। जुलाई में पेश हुए पूर्ण बजट की घोषणा के अनुसार, यदि तय समय तक पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं हो, तो वह अवैध माना जाएगा। इसका मतलब है कि यदि किसी का पैन वैध नहीं है, तो उस पर ठीक उसी व्यक्ति की तरह व्यवहार होगा जिसके पास पैन कार्ड नहीं होता।












Click it and Unblock the Notifications