आपके पास भी है कार-बाइक, तो जरूर पढ़ें इंश्योरेंस को लेकर IRDA का ये नया नियम
नई दिल्ली। मोटर पॉलिसीज के अंतर्गत अब सभी इंश्योरेंस कंपनियो को पर्सनल एक्सीडेंट प्रोटेक्शन देना होगा, जिसमें वाहन के मालिक-ड्राइवर के लिए 15 लाख रुपये का बीमा कवर होगा। इस नियम के मुताबिक, अगर किसी वाहन चालक या उसके मालिक की मौत हो जाती है, मोटर कंपनी को बीमा के तौर पर उस पीड़ित परिवार को मुआवाजा देना होगा। इंश्योरेंस रेग्युलेटर आईआरडीए (इरडा) ने सभी बीमा कंपनियों को निर्देश जारी किए। इसके तहत 750 रुपए के अतिरिक्त प्रीमियम पर सभी तरह के वाहन कवर होंगे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, मोटर कंपनी को कॉम्प्रेहेंसिव और थर्ड पार्टी दोनों को ही इंश्योरेंस उपलब्ध कराना होगा। वहीं, कंपनी को तय करना होगा कि उन्हें इस पॉलिसी को लॉन्ग टर्म के लिए कैसे चलानी है। इससे पहले टू व्हीलर्स के लिए पांच साल और फोर व्हीलर्स के लिए दो साल का थर्ड पार्टी को बीमा देना अनिवार्य था। 1 सितंबर 2018 से लागू नई व्यवस्था के तहत फोर व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन कराते समय 2 साल का थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
मद्रास हाईकोर्ट के अक्टूबर 2017 के फैसले के बाद इरडा ने नए निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने इरडा को पर्सनल एक्सीडेंट कवर 1 लाख रुपए से बढ़ाकर कम से कम 15 लाख रुपए करने का आदेश दिया था। अब तक दोपहिया वाहनों के लिए एक लाख रुपए और कारों के लिए दो लाख रुपए का कवर जरूरी था। इरडा के नए सर्कुलर के मुताबिक, यह कवर ड्राइव-मालिक या उसके को-ड्राइवर को मिलेगा।
यूनाइटेड इंडिया के उठाये बिंदुओं को स्वीकार करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो मालिक थर्ड पार्टी द्वारा अपना रिस्क प्रिमियम चुकाता है, उसे उसका पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल रहा है। कोर्ट ने इंश्योरेंस कंपनियों से कहा है कि वे वाहन के मालिक और चालक को उच्च पर्सनल एक्सीडेंट बीमा उपलब्ध कराए।












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