कोरोना संकट के बीच ही RBI ने किया महंगाई को काबू में रखने वाले उपायों का ऐलान

नई दिल्‍ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की तरफ से शुक्रवार को कोरोना वायरस महामारी के बीच ही देश की अर्थव्‍यवस्‍था को सुगम रखने के मकसद से कई बड़े उपायों का ऐलान किया गया है। आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास की तरफ से इन उपायों के बारे में घोषणा की गई है। आपको बता दें कि देश में इस समय कोविड-19 के केसेज 700 के आंकड़ें को पार कर गए हैं और मृतकों के आंकड़ें में भी इजाफा हुआ है।

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    आर्थिक सुस्‍ती गंभीर होने का खतरा

    आर्थिक सुस्‍ती गंभीर होने का खतरा

    आरबीआई गर्वनर ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि देश में महामारी के बीच ही महंगाई को काबू में रखने के मकसद से आरबीआई ने कई अहम फैसले किए हैं। देश के केंद्रीय बैंक की तरफ से रेपो रेट में 75 बेसिस प्वाइंट की कमी की घोषणा की गई। रेपो रेट को 5.1 फीसदी से 4.4 फीसदी कर दिया गया है। रिवर्स रेपो रेट में 90 बेसिस प्वाइंट की कमी की गई है। रिवर्स रेपो रेट 90 बेसिस प्वाइंट घटाकर चार फीसदी करने का ऐलान भी गर्वनर ने किया है।

    कोरोना का असर जीडीपी बुरा प्रभाव डालेगा

    कोरोना का असर जीडीपी बुरा प्रभाव डालेगा

    गर्वनर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना का असर देश की जीडीपी पर बुरा प्रभाव डालने वाला है। उनकी मानें तो खतरा बढ़ा तो आर्थिक सुस्ती और गंभीर होगी। आरबीआई की तरफ से ने बैंकों से अपील की गई है कि वे ऋण देने को बढ़ावा देने की कोशिशें करें। आरबीआई के ऐलान के साथ ही सेंसेक्स में करीब 600 प्वाइंट की बढ़ोतरी की खबर भी आई है। गर्वनर शक्तिकांत देश के मुताबिक दुनिया में कच्चे तेल के दामों में कमी आ रही है। इस वजह से मंहगाई को काबू करने में मदद मिल सकेगी और आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है।

    लॉकडाउन और सोशल डिस्‍टेंसिंग का असर

    लॉकडाउन और सोशल डिस्‍टेंसिंग का असर

    आरबीआई ने सभी बैंकों के सीआरआर में100 बेसिस पॉइंट की कटौती करने की घोषणा भी की है। गर्वनर का मानना है कि जो उपाय आरबीआई ने किए हैं, उनकी मदद से बाजार में 3.7 लाख करोड़ की लिक्विडिटी यानी तरलता आ सकेगी। गर्वनर शक्तिकांत देश के मुताबिक मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) पूरी दुनिया में आर्थिक गतिविधियां कोविड-19 महामारी के चलते थम गई हैं। लॉकडाउन और सोशल डिस्‍टेंसिंग का देशों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। साल 2019 में वैश्विक प्रगति कम थी और साल 2020 में हर कोई इसमें सुधार देखना चाहता था। मगर अब ये सारी उम्‍मीदें धरी की धरी रह गई हैं।

    दुनियाभर के बाजार नकारात्‍मक

    दुनियाभर के बाजार नकारात्‍मक

    गर्वनर शक्तिकांत दास के मुताबिक कोविड-19 की वजह से दुनिया भर के बाजार अनिश्चित और नकारात्‍मक हो गए हैं। कई देश असामान्‍य संक्रमण झेलने को मजबूर हैं। वायरस की वजह से कई देश पूरी तरह से बंद हो चुके हैं और यह किसी ब्‍लैक होल की तरह है। उन्‍होंने कहा कि भारत ने भी आर्थिक गतिविधियों को बंद कर दिया है और वित्‍त बाजार इस समय बहुत ज्‍यादा तनाव से गुजर रहा है। वित्‍त किसी भी अर्थव्‍यवस्‍था की लाइफलाइन होता है। आरबीआई के मुताबिक उसका पहला मकसद इस मौके पर वित्‍त को बाजार में बरकरार रखना है।

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