देश की विकास दर 7.2 फीसदी रहेगी, RBI गवर्नर ने महंगाई और तेल कीमतों को लेकर चेताया
नई दिल्ली, 08 जून। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने महंगाई पर नियंत्रण करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है, जिसके बाद रेपो रेट 4.90 फीसदी हो गया है। इसके साथ ही शक्तिकांत दास ने कहा कि देश की विकास दर आने वाले समय में बेहतर रहेगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में देश की विकास दर 7.2 फीसदी रहेगी। उन्होंने हा कि जीडीपी दर पहले क्वार्टर में 16.2 फीसदी, दूसरे में 6.2 फीसदी, तीसरे में 4.1 फीसदी और चौथे में 4 फीसदी रहेगी। हालांकि उन्होंने तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर आगाह किया है। यूक्रेन-रूस के बीच चल रहे युद्ध के चलते शक्तिकांत दास ने तेल की कीमतों को लेकर आगाह किया है।
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आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मानसून सामान्य होने के चलते इस बार ग्रामीण क्षेत्रों में भी खपत में बढ़ोत्तरी होगी। भारतीय मौसम विभाग ने इसकी संभावना जताई है कि इस बार मानसून बेहतर होगा। इस साल सामान्य मानसून और कच्चे तेल के दाम भारती बाजार में औसतन 105 डॉलर प्रति बैरल रह सकते हैं, महंगाई 6.7 फीसदी रह सकती है। उत्पादों के दाम में बढ़ोत्तरी, बिजली के दाम में संशोधन, जानवरों के चारे के दाम में बढ़ोत्तरी, सप्लाई चेन में मुश्किलें, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें महंगाई को बढ़ा सकते हैं। यूरोप में जो युद्ध चल रहा है वह लंबा खिंच रहा है, जिसके चलते नई तरह की चुनौतियां सामने हर रोज आ रही हैं।
गौर करने वाली बात है कि पिछली बार आरबीआई गवर्नर ने देश की जीडीपी 7.8 फीसदी रहने की बात कही थी, जिसे घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया गया है। शक्तिकांत दास ने भारत की जीडीपी को लेकर एनएसओ के डेटा का भी जिक्र किया, उन्होंने कहा कि इस स्तर पर देश की जीडीपी कोरोना काल के पहले के समय से ऊपर जा चुकी है। बता दें कि रिजर्व बैंक ने आज रेपो रेट में 50 बेसिस अंको की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है, जिसके बाद लोगों के लोन की ईएमआई बढ़ सकती है। आरबीआई के ऐलान से पहले ही एचडीएफसी बैंक, केनरा बैंक, करूर वेश्य बैंक ने ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी कर दी है।












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