RBI ने रद्द किया एक और सहकारी बैंक का लाइसेंस, जानिए क्या होगा खाताधारकों की जमापूंजी का
नई दिल्ली। RBI Cancel Bank licence. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक और सख्त कदम उठाने हुए नियमों की अनदेखी कर रहे एक और सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को इसकी घोषणा की और कहा कि बैंक का बैंकिंग प्रणाली में बने रहे ग्राहकों के लिए उचित नहीं था, जिसके चलते बैंक के लाइसेंस को रद्द किया गया है। आरबीआई द्वारा बैंक लाइसेंस रद्द होने क बाद ही डॉ. शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Shivajirao Patil Nilangekar Urban Co-op Bank) में जमा स्वीकार करने और भुगतान करने पर रोक लग गई है।

रद्द हुआ इस बैंक का लाइसेंस
14 जुलाई को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डॉ शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Shivajirao Patil Nilangekar Urban Co-op Bank) का लाइसेंस कैंसिल कर दिया। महाराष्ट्र के इस सहकारी बैंक द्वारा बैंकिंग नियमों की अनदेखी करने के बाद उसका लाइसेंस रद्द किया गया है। RBI ने कहा कि बैंकों का ऐसी स्थिति में बने रहना जमाकर्तांओं के लिए सुरक्षित नहीं था। बैंक की स्थित ऐसी नहीं है कि वो जमाकर्ताओं का पूरा भुगतान कर सके। बैंक को बंद करने के लिए महाराष्ट्र सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों ने भी अनुरोध किया था, जिसके बाद आरबीआई ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए बैंक के लाइसेंस को रद्द कर दिया।

क्या होगा जमाधारकों की पूंजी का
बैंक का लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंकों को जमा करने या भुगतान करने, कर्ज देने या अदायगी की छूट नहीं होगी। वहीं जमाधारकों को डिपॉजिट इंश्योरेंस (Deposit Insurance) और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) अधिनियम के तहत उनकी जमापूंजी लौटा दी जाएगी। आपको बता दें कि DICGC एक्ट, 1961 के तहत बैंक के जमाकर्ताओं को उनकी जमा रकम का अधिकतम 5 लाख रुपए तक की रकम वापस की जाएगी। बैंकों से लिए गए आंकड़ों क आधार पर अधिकांश जमाकरताओं को उनकी पूरी पूंजी वापस मिल जाएगी।

कई बैंकों पर हो चुकी है कार्रवाई
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इससे पहले भी वित्तीय गड़बड़ी और बैंकिंग नियमों की अनदेखी के चलते कई बैंकों के लाइसेंस को रद्द किया है। मई 2021 में ही आरबीआई ने पश्चिम बंगाल के सहकारी बैंक यूनाइटेड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इससे पहले जनवरी 2021 में RBI न बैंकिंग अधिनियम की अनदेखी के चलते महाराष्ट्र के उस्मानाबाद स्थित वसंतदादा नगरी सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द किया था।
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