योगी सरकार की मुखबिर योजना से ऐसे कमाएं पुण्य और 2 लाख रुपए

नई दिल्ली। आज यानी शनिवार को योगी सरकार ने महिलाओं के लिए एक खास योजना की शुरुआत की है। इस योजना से बेटी बचाओ अभियान को काफी ताकत मिलेगी। अगर आप इस योजना में योगी सरकार का साथ देते हैं तो आपको न सिर्फ पुण्य कमाने का मौका मिलेगा, बल्कि आप 2 लाख रुपए भी कमा सकते हैं। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में।

मुखबिर योजना

मुखबिर योजना

योगी सरकार की इस योजना का नाम मुखबिर योजना है, जो कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम लगान के लिए शुरू की गई है। अगर आप सरकार को कन्या भ्रूण हत्या की जानकारी देते हैं तो आपको सरकार की तरफ से 2 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस योजना के तहत उन नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटर पर शिकंजा कसा जाएगा, जो लिंक परीक्षण करते हैं।

कैसे होगी महिलाओं की मदद?

कैसे होगी महिलाओं की मदद?

पूरी प्रदेश के सभी जिलों में कुल 64 रेस्क्यू वैन चलेंगी, जो महिलाओं की मदद करेंगी। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 में यह सामने आया है कि उत्तर प्रदेश में लिंगानुपात 922 से घटकर अब 903 पर आ गया है। इसका मतलब है कि अब 1000 लड़कों की तुलना में सिर्फ 903 लड़कियां रह गई हैं। यह योजना पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत शुरू की गई है।

कैसे मिलेगा पुण्य और 2 लाख रुपए?

कैसे मिलेगा पुण्य और 2 लाख रुपए?

अगर आपको कोई नर्सिंग होम या अल्ट्रासाउंड सेंटर लिंग परीक्षण करने में लिप्त मिलता है तो आपको इसकी सूचना पुलिस को या योगी सरकार को देनी होगी। इसी के तहत महिला हेल्पलाइन नंबर 181 भी चलाई जा रही है, जिससे महिलाओं की मदद हो सके। अगर आप ऐसे किसी नर्सिंग होम या अल्ट्रासाउंड सेंटर को पकड़वाते हैं तो महिलाओं की मदद का पुण्य तो आपको मिलेगा ही, साथ ही इनाम के 2 लाख रुपए भी मिलेंगे।

तीन किश्तों में मिलेगी इनाम

तीन किश्तों में मिलेगी इनाम

अगर सही सूचना और सफल ऑपरेशन रहा तो मुखबिर को 60 हजार रुपए मिलेंगे, जो व्यक्ति झूठा ग्राहक बनकर नर्सिंग होम या अल्ट्रासाउंड सेंटर में जाएगा, उसे 1 लाख रुपए मिलेंगे और उसके सहायक को 40 हजार रुपए मिलेंगे। ये पैसे तीन किश्तों में मिलेंगें।

पहली किश्त- सूचना सही निकलने पर।
दूसरी किश्त- न्यायालय में हाजिरी के दौरान।
तीसरी किश्त- दोषियों को सजा मिलने पर।

कैसे बनें मुखबिर?

कैसे बनें मुखबिर?

इस योजना के लिए सिर्फ राज्य सरकार या फिर केंद्र सरकार की सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों या गर्भवती महिलाओं को चुना जा सकता है। इन्हीं में से किसी को मुखबिर या मिथ्या ग्राहक या फिर सहायक के तौर पर चुना जाएगा। मिथ्या ग्राहक बनने वाली गर्भवती महिला को शपथ पत्र देना होगा। इस योजना का हिस्सा बनने के लिए राज्य स्तर पर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अध्यक्ष राज्य समुचित प्राधिकरण या पीसीपीएनडीटी अधिनियम के राज्य नोडल अधिकारी से और जिला स्तर पर जिलाधिकारी या मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

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