Apple-Foxconn की लॉबिंग से कर्नाटक में बदला श्रम कानून, अब 12-12 घंटे की होगी शिफ्ट: रिपोर्ट
रिपोर्ट की मानें तो एप्पल-फॉक्सकॉन की लॉबिंग के चलते कर्नाटक सरकार ने श्रमिक कानून में बदलाव किया है। जिसके बाद महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति होगी, 12-12 घंटे की शिफ्ट में हो सकेगा काम।

जिस तरह से भारत में निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है उसको देखते हुए भारत में श्रमिक नियमों में बदलाव किया जा रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी विनिर्वाण कंपनी फॉक्सकॉन कर्नाटक में बड़ा निवेश करने जा रही है। गौर करने वाली बात है कि यह कंपनी आईफोन के लिए फोन बनाने का काम करती है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार फॉक्सकॉन और एप्पल की लॉबिंग के चलते कर्नाटक सरकार श्रमिक कानून में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब कर्नाटक में भी चीन की तर्ज पर दो शिफ्ट में काम किया जाएगा।
चीन से शिफ्ट हो सकता है बेस
एप्पल और फॉक्सकॉन की मुख्य मैन्युफैक्चरिंग बेस चीन में है, लेकिन जिस तरह से कर्नाटक में नियमों में नरमी बरती जा रही है उसके बाद माना जा रहा है कि कर्नाटक में भी मैन्युफैक्चरिंग का हब तैयार हो सकता है। ये कंपनियां यहां पर अपना हब तैयार कर सकती हैं। दरअसल वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन में लगातार दिक्कतें बढ़ रही हैं, सप्लाई चेन काफी बाधित हो रही है, जिसकी चलते कंपनियों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। यही वजह है कि ये कंपनियों अपनी निर्भरता को कम करना चाहती हैं।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने पर जोर
वैश्विक स्तर पर चल रही इन दिक्कतों का फायदा भारत उठाना चाहता है और अधिक से अधिक कंपनियों को अपनी ओर आकर्षित करना चाहता है। देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव लेकर आई, जिसकी मदद से भारत को दुनिया का सबसे बड़ा मैनन्युफैक्चरिंग हब बनाया जा सकता है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू को टेक इंडस्ट्री का मुख्य केंद्र माना जाता है, तमाम टेक कंपनियों का मुख्यालय यहां पर है। यही वजह है कि कर्नाटक सरकार ने फैक्ट्रीज एक्ट में बदलाव किया है।
ओवरटाइम को 75 से बढ़ाकर 145 घंटे किया गया
नए एक्ट के तहत कर्नाटक में फैक्ट्रियों में अब 12 घंटे की शिफ्ट हो सकती है, इसके लिए सरकार ने अनुमति दे दी है। पहले सिर्फ 9 घंटे तक ही काम करने की अनुमति थी। गौर करने वाली बात है कि चीन, ताइवान और वियतनाम में महिला कर्मचारियों की संख्या काफी अधिक है और यह मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काफी आगे हैं। लेकिन भारत में इससे उलट महिलाओं की भागीदारी इस सेक्टर में काफी कम है। नए कानून के अनुसार एक हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे काम किया जा सकता है। वहीं तीन महीने में ओवरटाइम को 75 घंटे से बढ़ाकर 145 घंटे कर दिया गया है। नए नियम के तहत महिलाएं भी रात्रि की शिफ्ट में काम कर सकती हैं।












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