Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Indian Stock Market Recovery: होली के बाद शेयर बाजार में कैसे मिलेंगे कमाई के मौके? स्‍टॉक मार्केट 3 दिन बंद

Indian Stock Market Recovery: पिछले कई माह से लगातार गिर रहे भारतीय स्‍टॉक बाजार में हर किसी को रौनक लौटने का इंतजार है। गुरुवार 13 मार्च इस सप्‍ताह का आखिरी कारोबारी दिन है। इसके बाद शेयर बाजार लगातार तीन बंद रहेगा। 14 मार्च को होली, फिर 15 को शनिवार और 16 को रविवार की वजह से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में शेयरों की खरीद-बिक्री से जुड़ा काम नहीं होगा।

12 मार्च को सेंसेक्‍स 72.56 अंकों की गिरावट के साथ 74,029.76 व निफ़्टी 50 भी गिरा। निफ़्टी 27.40 अंक लुढककर 22,470.50 पर बंद हुआ। हालांकि पिछले कुछ हफ्तों की बिकवाली के बाद भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह मजबूती देखने को मिली। सेंसेक्स कुल मिलाकर 1,134.48 अंक यानी 1.55% और निफ्टी 427.8 अंक यानी 1.93% चढ़ा है।

Indian Stock Market Recovery

अब देखने वाली बात है कि होली के बाद स्‍टॉक मार्केट खुलते ही निवेशकों की बल्‍ले-बल्‍ले कर सकते हैं या ए‍क फिर लाल निशान देखकर मायूसी हाथ लगेगी। आइए कुछ संकतों के जरिए समझते हैं कि होली 2025 के बाद निवेशकों को भारतीय शेयर बाजार में कमाई के मौके मिलने की क्‍या संभावना है?

बैंकिंग सिस्टम में नकदी व CPI के आंकड़े

भारतीय स्‍टॉक मार्केट के विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त नकदी डालने और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी का भारतीय बाजार को फायदा मिल सकता है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अमेरिका और भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आंकड़ों पर निवेशकों की पैनी नजर होगी। अगर महंगाई नियंत्रण में रहती है, तो ब्याज दरों में स्थिरता बनी रह सकती है, जिससे बाजार को सपोर्ट मिलेगा।

कच्चे तेल की गिरती कीमतें

मीडिया की खबरों के अनुसार जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार को लेकर सतर्क हैं, लेकिन कच्चे तेल की गिरती कीमतें और चीन की ओर से आर्थिक प्रोत्साहन भारतीय कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। खासतौर पर धातु, पूंजीगत सामान और ऊर्जा क्षेत्र को इससे फायदा हो सकता है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति भी बाजार की दिशा तय करेगी। अमेरिकी बाजारों में अनिश्चितता बढ़ने के कारण वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जिसका फायदा भारतीय शेयर बाजार को मिलेगा। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी शुल्क नीतियों में किसी भी अप्रत्याशित बदलाव से बाजार में अस्थिरता आ सकती है। निवेशकों को सतर्क रहते हुए रणनीतिक रूप से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा का कहना है कि वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी शुल्क नीतियों का असर भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी शुल्क में देरी और आगे की बातचीत की संभावना से बाजार को स्थिरता मिली है, लेकिन आगे की नीतियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+