करोड़ों कर्मचारियों को लगा झटका, मोदी सरकार ने की GPF की ब्याज दर में कटौती
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने करोड़ों सरकारी कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। सरकार ने जनरल प्रोविडेंट फंड की ब्याज दर में कटौती कर दी है। सरकार ने GPF की ब्याज दर में कटौती कर इसे 7.9 फीसदी कर दिया है। जीपीएफ और दूसरे समान फंड्स में जुलाई-सितंबर के लिए ब्याज दर को 7.9 फीसदी कर दिया है।

ब्याज में कटौती का असर सिर्फ जीपीएफ पर ही नहीं बल्कि इसका असर करीब एक दर्जन दूसरी स्कीमों पर भी पड़ेगा। सितंबर तिमाही के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड की नई ब्याज दर 7.9 प्रतिशत तय की गई है। आपको बता दें कि इससे पहले ये ब्याज दर 8 फीसदी था , जिसे अब घटाकर 7.9 फीसदी कर दिया गया है।
नई दरों को लेकर वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी किया है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक वित्त वर्ष 2019-20 की सितंबर तिमाही में प्रोविडें फंड की ब्याज दर 7.9 फीसदी होगी। जीपीएफ पर यह घटी हुई ब्याज दरें 1 जुलाई से लागू मानी जाएंगी।
आपको बता दें कि जनरल प्रोविडेंट फंड सरकारी कर्मचारी के लिए होता है। इसमें सरकारी कर्मचारी एक निश्चत राशि का योगदान करके सदस्य बन जाते हैं। कर्मचारियों को जीपीएफ के नियमों के अनुसार, 1 साल की निरंतर सेवा के बाद सभी अस्थाई सरकारी कर्मचारी, सभी पुन: नियोजित पेंशनभोगी और सभी स्थाई सरकारी कर्मचारी जीपीएफ की सदस्यता के लिए योग्य होते हैं। हर जीपीएफ खाताधारक मासिक आधार पर जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) में अपना योगदान कर सकता है। जीपीएफ की सदस्यता को कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की तारीख से तीन महीने पहले रोक दी जाती है।












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