Gold: निचले स्तर पर सोना, फेस्टिव सीजन में 12 सालों में सबसे कम बिक्री रहने का अनुमान
Gold: निचले स्तर पर सोना, फेस्टिव सीजन में 12 सालों में सबसे कम बिक्री रहने का अनुमान
नई दिल्ली। सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सोने की कीमत में पिछले महीने के मुकाबले गिरावट आई है। अक्टूबर महीने में सोना अपने उच्चतम स्तर से 5000 रुपए तक नीचे गिर गया। वहीं फेस्टिवल सीजन होने के बावजूद सोने की कीमत में सुधार देखने को नहीं मिला है। अक्टूबर से दिसंबर तक भारत में त्योहारों का मौसम होता है। दशहरा, धनतेरस, दिवाली पर लोग सोना खरीदते हैं। सोना खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं देखने को मिल रहा है। अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में सोने की खरीदारी में गिरावट रहने का अनुमान है।

सोने की खरीद में गिरावट
सोने की खरीदारी में गिरावट रहने का अनुमान है। फेस्टिवल सीजन रहने के बावजूद लोग सोना खरीदने से बच रहे हैं। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है और लोगों की सोना खरीदने की क्षमता भी कम हुई है। जिसके कारण सोने की बिक्री में कमी देखने को मिल रही है। फेस्टिव सीजन यानी अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में इस बार सोने की खरीद 12 सालों में सबसे कम रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

फेस्टिव सीजन में नहीं बढ़ी मांग
आम तौर पर लोग दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस, दिवाली आदि त्योहारों पर सोने की खरीदारी करते हैं। लेकिन इस बार लोगों की खरीदने की क्षमता में कमी आई है। लोगों की इकोनॉमिकल ग्रोथ में कमी आने के कारण लोग सोना खरीदने से बच रहे हैं। जिसकी वजह से सोने की बिक्री में कमी आई है। पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर तिमाही में 194 टन सोना बिका था। इस बार ऐसी रौनक रहने की संभवाना कम है।

2008 से भी कम बिक्री की आशंका
मेटल्स फोकस लिमिटेड में कंसल्टेंट चिराग सेठ की माने तो इस साल सोने की ब्रिकी 12 सालों में सबसे कम रहने की आशंका है। उन्होंने अनुमान लगाया है कि इस साल पेस्टिवल सीजन में सोने की बिक्री साल 2008 के बाद सबसे कम रहने का अनुमान है। शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में सोने की मांग अधिक रहने का अनुमान है। शहरों में लोगों की नौकरियों और सैलरी पर संकट मंडराया है, जिसकी वजह से लोगों की मांग में कमी आई है और लोग सोना कम खरीद रहे हैं।












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