म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर कोरोना का कहर, इस कंपनी के 6 फंड बंद होने से निवेशकों के 28,000 करोड़ अटके
नई दिल्ली। देश के जानेमाने फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड ने शुक्रवार को निवेशकों को बड़ा झटका देते हुए एक ऐलान किया है। फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने कहा कि उसने 23 अप्रैल, 2020 से अपने 6 डेट फंड बंद कर दिए हैं, इस फैसले से निवेशकों के 28,000 करोड़ रुपए अटक गए हैं। इसका मतलब यह हुआ कि आज (शुक्रवार) से निवेशक इस फंड से अपना पैसा नहीं निकाल पाएंगे और ना ही कोई नया निवेश कर पाएंगे।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर दिखा कोरोना का कहर
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के बुरे प्रभावों से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री भी अछूती नहीं रही है। Covid-19 महामारी की वजह से बॉन्ड मार्केट से लिक्विडिटी लगभग खत्म हो गई है। इसी के चलते फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्यूचुअल फंड ने अपने 6 स्कीम्स को बंद कर दिया है। जिन स्कीम्स को बंद किया गया है, उनके निवेशक फिलहाल अपना पैसा नहीं निकाल सकते।

निवेशकों का पैसा कब मिलेगा?
कंपनी का कहना है कि निवेशकों को अपना पैसा निकालने की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक उस स्कीम की अवधि पूरी नहीं हो जाती। उदाहरण के लिए किसी ने एक साल के लॉकइन पीरियड वाले स्कीम में निवेश किया है तो उसे कम से कम एक साल तक अपने पैसे वापस मिलने का इंतजार करना होगा।

निवेशकों के हित में लिया गया फैसला
फ्रैंकलिन टेम्पल्टन के प्रेसिडेंट संजय सप्रे ने कहा, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन के चलते बॉन्ड मार्केट से लिक्विडिटी लगभग खत्म हो गई है। वहीं दूसरी ओर डेट सिक्योरिटीज का यील्ड बहुत बढ़ गया है जिस वजह से कंपनियां अब इसे जारी नहीं रख पा रही हैं। ऐसे में म्यूचुअल फंड पर रीडम्पशन का भी दबाव बढ़ गया है क्योंकि सब अपना पैसा निकालना चाहते हैं।

लॉकडाउन के दौरान लिक्विडिटी का दबाव बढ़ा
संजय सप्रे ने कहा, हमरा विचार है कि इस मुश्किल समय में हमें निवेशकों और फंड का पैसा रोक लेना चाहिए ताकि रीडम्पशन पर दबाव को कम किया जा सके। फ्रैंकलिन टेम्पल्टन ने अपने बयान में कहा है कि फंड में किसी तरह का कोई ट्रांजैक्शन नहीं होगा। लॉकडाउन के दौरान लिक्विडिटी की दिक्कतें बढ़ीं हैं जिस वजह से कंपनी के पास स्कीम बंद करने के अलावा कोई और चारा नहीं है।

नकदी हासिल होते ही रीपेमेंट किया जाएगा
फ्रैंकलिन टेम्पल्टन के मुताबिक मौजूदा हालात से निपटने का यही एक रास्ता है। यह फैसला सोच समझकर लिया गया है, आगे किसी तरह का मैनेजमेंट चार्ज नहीं वसूला जाएगा। निवेशकों के हित के लिए हम हर संभव फैसले लेने की कोशिश कर रहे हैं। RBI ने पिछले कुछ महीनों में कई कदम उठाए हैं जिसका असर धीरे-धीरे असर दिख रहा है। निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कंपनी ने कहा, जब भी नकदी हासिल होगी, रीपेमेंट किया जाएगा।
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