2600 प्रतिशत रिटर्न के चक्कर में किया नकली MetaMask टोकन में निवेश, करोड़ों का लगा चूना
नई दिल्ली, 2 जनवरी: पहले के जमाने में लोग सोने-चांदी, प्रॉपर्टी आदि में निवेश करते थे, लेकिन अब जमाना बदल गया है। लोग कम वक्त में ज्यादा पैसा कमाने का सपना देखने लगे हैं। इस वजह से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही। वैसे जिन्होंने शुरुआत में दिमाग लगाकर इसमें निवेश किया था, वो तो मालामाल हो गए लेकिन जो लोग बिना रिसर्च क्रिप्टोकरेंसी खरीद रहे वो अब फ्रॉड का भी शिकार होने लगे हैं।

क्रिप्टोकरेंसी फर्म MetaMask ने हाल ही में अपना क्रिप्टो टोकन लाने की घोषणा की थी। कंपनी ने कहा था कि वो अपने टोकन $MASK को मौजूदा यूजर्स के वॉलेट में डालेगी। निवेशक उसका इंतजार ही कर रहे थे कि मार्केट में एक नकली MetaMask टोकन लॉन्च हो गया। कुछ दिनों में ही ये UniSwap प्लेटफॉर्म पर ट्रेड करने लगा। लोगों को लगा इसे क्रिप्टोकरेंसी फर्म MetaMask ने लॉन्च किया है, जिस वजह से वो बिना पड़ताल इसमें निवेश भी करने लगे।
रिपोर्ट के मुताबिक ये टोकन इथेरियम ब्लॉकचेन पर बना था। कुछ ही वक्त में उसमें 2600 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली और खरीद का आंकड़ा 1 मिलियन डॉलर के पार पहुंच गया। इसके बाद इसकी बिक्री पर रोक लग गई। जिसके बाद निवेशकों को इस पर शक हुआ। बाद में पता चला कि ये नकली टोकन है, जिसको $MASK टोकन का इंतजार कर रहे लोगों को फंसाने के लिए बनाया गया था। हैरानी की बात तो ये थी कि इस टोकन को सिर्फ खरीदा जा सकता है, बेचा नहीं। जिस वजह से बहुत से लोग ठगे गए।
CoinCodeCap की रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक ठगे गए लोगों की कुल संख्या पता नहीं चल पाई है, लेकिन ये आंकड़ा काफी ज्यादा है। लोगों को इस पर विश्वास हो इस वजह से इस नकली टोकन को वैरिफाइड स्टेटस दिया गया था। स्कैमर्स ने ऐसा करने के लिए DeFi टूल साइट DexTools का इस्तेमाल किया। अगर आप भी क्रिप्टो में निवेश का मन बना रहे तो पहले इसके बारे में रिसर्च जरूर कर लें।












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