लॉकडाउन के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान, मूडीज ने बताया कब होगा सुधार
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण देशभर में जारी लॉकडाउन का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इकोनॉमी को बड़ा नुकसान हुआ है। वहीं रेटिंग एजेंसी मूडीज ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कब से सुधार होगा। मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस ने अपनी ताजा रिपोर्ट में अनुमान लगाया वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट आ सकती है। मूडीज की रिपोर्ट में लॉकडाउन की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था में खपत कम होने और कारोबार बंद होने की वजह से घरेलू अर्थव्यवस्था में गिरावट आने की संभावना जताई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना और लॉकडाउन से पहले भी भारतीय अर्थव्यवस्था फीकी विकास दर धीमी थी, जिसे कोरोना ने और कम कर दिया। भारतीय अर्थव्यवस्था 6 वर्षों की सबसे निचली दर पर पहुंच गयी थी। रिपोर्ट में सरकार के आर्थिक पैकेज को लेकर भी बात कही गई है। मूडीज के मुताबिक भारत सरकार ने इकोनॉमी को बूस्ट करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की, लेकिन ये कदम उम्मीदों के अनुरूप नहीं हैं। आर्थिक पैकेज के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था की समस्याएं बहुत ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबित वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारत की इकोनॉमी में वास्तविक गिरावट आएगी। आपको बता दें कि इससे पहले मूडीज ने भारती की GDP शून्य रहने की उम्मीद जताई थी। वहीं सुधार की स्थिति के बारे में भी रिपोर्ट में जानकारी दी गई है।
मूडीज ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है। अपनी रिपोर्ट में मूडीज ने कहा है कि लॉकडाउन न केवल निजी सेक्टर को बल्कि सार्वजनिक सेक्टर को भी प्रभावित करेगा। भारत के असंगठित क्षेत्र के सामने संकट की स्थिति बनी गई है। कारोबार ठप होने का खतरा मंडरा रहा है। लाखों की तादात में छंटनी होने की आशंका जताई जा रही है। देश में बोरोगजारी बढ़ने का खतरा बढ़ता जा रहा है।












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