GDP पर बोले मुख्य आर्थिक सलाहकार- अर्थव्यवस्था का बुरा दौर खत्म, अब सुधार की उम्मीद
नई दिल्ली: कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मोदी सरकार ने मार्च के अंत में देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर दिया था। इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी सेक्टर पूरी तरह से बंद थे। जिसका साफ असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ा और वित्त वर्ष 2020-21 की पहली ही तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट माइनस 23 पर पहुंच गई। अब भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने अर्थव्यवस्था में फिर से सुधार की उम्मीद जताई है।

CNBC आवाज को दिए इंटरव्यू में कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे बुरा दौर गुजर गया है। अब अनलॉक की वजह से अगस्त में हालात सुधरने के संकेत मिले हैं। जिस वजह से धीरे-धीरे स्थिति पहले जैसी होने की दिशा में है। उन्होंने साफ किया कि ये उनका निजी विचार नहीं है, सारे तथ्य वो डेटा के आधार पर ही कह रहे हैं। अनलॉक की वजह से अगस्त 2020 का लेवल अगस्त 2019 के लेवल के बराबर था। कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन के मुताबिक आर्थिक सुधार के लिए मजबूत बैंकों का होना जरूरी है। अभी भारत का सिर्फ एक बैंक ग्लोबल लिस्ट में शामिल है। ऐसे में बड़े पैमाने पर बैंकों में सुधार की जरूरत है।
सुब्रमण्यन ने बताया कि लॉकडाउन के बाद अब कोयला, तेल, गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली के प्रोडक्शन में तेजी आई है। इनमें अप्रैल में 38.1 प्रतिशत की गिरावट आई थी, जो अपने आप में गिरावट का एक बड़ा रिकॉर्ड था। अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद जुलाई में ये आंकड़ा -12.9 प्रतिशत पर आ गया। उन्होंने कहा कि जीडीपी में गिरावट का पहले से अंदाजा था। अब धीरे-धीरे हालात सुधर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अक्टूबर-दिसंबर वाली तिमाही में इसमें अच्छा खासा सुधार हो सकता है।












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