CAG Report: सरकार ने बिना मांगे ही एसबीआई को दिए 8,800 करोड़ रुपये, कैग की रिपोर्ट में खुलासा
CAG की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि SBI को बिना मांगे ही मिल गया 8800 करोड़ का फंड दिया गया है।

State Bank Of India: नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार ने बिना मांगे ही एसबीआई (SBI) को 8800 करोड़ रुपए का फंड दिया है। कैग की रिपोर्ट सोमवार को संसद में पेश की गई, जिसमें बताया गया है कि वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने भारतीय स्टेट बैंक को 8800 करोड़ रुपए बिना मांगे दिए हैं। संसद में कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक की ओर से वित्त वर्ष 2018 (FY18) में फंड की मांग नहीं की गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले विभाग डिपॉर्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विस (DFC) ने ये फंड रीकैपिटलाइजेशन एक्सरसाइज के रूप में दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार के डिपॉर्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विस ने वित्त वर्ष 2017-18 में एसबीआई में क्रेडिट ग्रोथ के लिए 8800 करोड़ रुपये का निवेश किया था। विभाग ने पूंजी की आवश्यकता का आकलन नहीं किया और बैंक की ओर से कोई मांग भी नहीं हुई थी।
कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई ने पहले ही भारतीय बैंकों पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत की बढ़ी हुई पूंजी आवश्यकता निर्धारित की थी, जिसके परिणामस्वरूप 7,785.81 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश हुआ।यह खुलासा कैग की 2023 की कंप्लॉयंस ऑडिट रिपोर्ट नंबर से हुआ है। बता दें कि डिपॉर्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विस वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है।
नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की 2023 की अनुपालन लेखा परीक्षा रिपोर्ट संख्या 1 का भी पालन नहीं किया गया था। यह भी कहा कि विभाग ने 2019-20 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 831 करोड़ रुपये डाले, जबकि बैंक ने 33 करोड़ रुपये के सरेंडर से बचने के लिए 798 करोड़ रुपये की मांग की थी।












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