Budget 2025 Survey: मोदी सरकार से क्या चाहते हैं आयकर दाता, बजट से पहले सर्वे में चौंकाने वाला रिजल्ट
Budget 2025 Survey: 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2025 पेश करेंगी। 31 जनवरी से बजट सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन शुक्रवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey 2025) पेश किया गया, जिसमें भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन को विस्तार से रखा गया। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी मीडिया से मुखाबित हुए और संकते दिया कि इस बार बजट में गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को तोहफा मिल सकता है।
केंद्रीय बजट 2025 से गरीब व मध्यम वर्ग ही नहीं बल्कि करदाताओं की भी उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि लोग इनकम टैक्स में छूट, टैक्स रेट में कमी और फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग कर रहे हैं।
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मोदी सरकार से आयकर दाताओं की प्रमुख मांगें
कम टैक्स रेट: 57% लोगों ने व्यक्तिगत आयकर दरों में कटौती की मांग की।
छूट सीमा में वृद्धि: 25% करदाताओं का कहना है कि सरकार को छूट की सीमा बढ़ानी चाहिए, जिससे डिस्पोजेबल इनकम में इजाफा हो।
नया बनाम पुराना टैक्स सिस्टम (new tax regime slab 2025-26?)
72% करदाताओं ने नए सरल टैक्स सिस्टम को अपनाया है।
46% लोग चाहते हैं कि नए टैक्स सिस्टम में टैक्स रेट और कम किए जाएं।
63% करदाता अब भी पुराने टैक्स सिस्टम को जारी रखने और इसमें अतिरिक्त प्रोत्साहन की मांग कर रहे हैं।
income tax budget 2025: टैक्स फाइलिंग और कंप्लायंस में सुधार की जरूरत
डिजिटल दौर में करदाता चाहते हैं कि टैक्स फाइलिंग को और आसान बनाया जाए।
38% लोग विदेशी बैंकों से टैक्स भुगतान की सुविधा चाहते हैं, जिससे NRI टैक्सपेयर्स के लिए प्रक्रिया सरल हो।
56% करदाता इनकम टैक्स फाइलिंग के लिए इनकम थ्रेशोल्ड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
32% का सुझाव है कि अपडेटेड टैक्स रिटर्न पर अतिरिक्त टैक्स घटाया जाए।
12% लोग रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की समयसीमा बढ़ाने की सिफारिश कर रहे हैं।
Income Tax Slab for ay 2025-26: नेशनल पेंशन स्कीम और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर टैक्स छूट
53% लोग NPS में टैक्स छूट और फंड निकासी के नियमों में ज्यादा लचीलापन चाहते हैं, ताकि ज्यादा लोग इसमें निवेश करें।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए टैक्स इंसेंटिव्स की भी फिर से मांग उठी है।
बजट 2025-26 से करदाताओं को बड़ी उम्मीदें हैं। यदि सरकार टैक्स सिस्टम को सरल बनाती है, टैक्स दरों में कटौती करती है और छूट को बढ़ाती है, तो इससे टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।












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