'अन्नदाता' को 'ऊर्जादाता' बनाने को लेकर वित्तमंत्री ने बजट में किसानों के लिए किए ये बड़े ऐलान
नई दिल्ली। देश की पहली फुल टाइम महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए 2019-20 का बजट में किसानों को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "हम कृषि के बुनियादी ढांचे में व्यापक रूप से निवेश करेंगे। 'अन्नदाता' को 'ऊर्जादाता' बनाने पर काम होगा। किसानों के उत्पाद से जुड़े कामों में प्राइवेट उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।"

'अन्नदाता' को 'ऊर्जादाता' क्यों नहीं बना सकते: सीतारमण
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया, "हम किसानों की उपज बढ़ाने के अलावा प्राइवेट उद्यमिता का समर्थन करेंगे और जिससे किसानों के उत्पादन में बढ़ोतरी को सुविधा मिलेगी। इसके साथ-साथ किसानों के लिए सहयोगी गतिविधियों पर जोर दिया जाएगा, जैसे बांस, लकड़ी और नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने के अवसर भी उपलब्ध कराएंगे।" उन्होंने कहा कि अन्नदाता को क्यों ऊर्जादाता नहीं बना सकते?"

'कृषि की संरचना में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा'
वित्त मंत्री ने अपने बजट में किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया, "कृषि की संरचना में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। 10 हजार नए किसान उत्पादक संघ बनेंगे। कॉपोरेटिव के जरिए डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने का प्रस्ताव है। पिछले डेढ़ साल में दलहन में हमारे किसानों ने क्रांति किया है। कृषि संरचना में भी बड़े निवेश का लक्ष्य है। जीरो बजट फर्मिंग के जरिए किसानों की आमदनी दोगुनी करने में मदद मिलेगी।"

'किसान की आय दोगुनी करने की कोशिश होगी'
वित्तमंत्री ने कहा, "किसानों का जीवन और व्यवसाय आसान बनाने के लिए काम किए जाएंगे। सरकार कृषि अवसरंचना में निवेश करेगी। आजादी की 75वीं सालगिरह तक किसान की आय दोगुनी करने की कोशिश होगी।" सीतारमण ने कहा, "2024 तक गांव के हर घर तक जल (पानी) पहुंचाया जाएगा। इसमें हर घर में टंकी से पानी पहुंचाया जाएगा। यह काम जल जीवन मिशन के तहत किया जाएगा। इसमें हर घर तक पीने का पानी पहुंचाने की कोशिश रहेगी।"












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