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भारत आ रही है 500 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेन ‘Maglev', इस सरकारी कंपनी ने की तैयारी

भारत आ रही है 500 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेन ‘Maglev', इस सरकारी कंपनी ने की तैयारी

नई दिल्ली। भारत में अब तक सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत एक्सप्रेस पटरियों पर रफ्तार भर रही है, जिसकी रफ्तार 180 से 200 किमी प्रति घंटे की है, लेकिन जल्द ही भारत में सुपर स्पीड ट्रेनें चलेंगी, जिनकी रफ्तार, 100 या 200 नहीं बल्कि 500 किमी प्रति घंटे की होगी। जी हां सार्वजनिक क्षेत्र भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने सुपर स्पीड ट्रेन को भारत में लाने के लिए SwissRapide AG के साथ साझेदारी की है।

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     भारत में चलेंगी 500किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन

    भारत में चलेंगी 500किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन

    भारत में सुपर स्पीड ट्रेन लाने के लिए सरकार कंपनी BHEL ने स्विसरैपिड AG के साथ साझेदारी की है। हाई स्पीड ट्रेन मैग्‍लेव ट्रेन(Maglev Train) को भारत लाने के लिए भेल ने ये साझेदारी की है। आपको बता दें कि ये हाई स्पीड ट्रेन मेग्लेव फिलहाल सिर्फ चीन और जापान में ही चलती हैं, लेकिन इसे भारत में लगाने के लिए भेल में बड़ी साझेदारी की है। आपको बता दें कि इस ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज होती है कि ट्रेन हवा से बातें करते दिखेंगी।

    मेग्लेव ट्रेन में क्या है खास

    मेग्लेव ट्रेन में क्या है खास


    इस हाई स्पीड मैग्‍लेव ट्रेन(Maglev Train) के लिए भेल(BHEL) ने SwissRapide AG के साथ समझौता किया है। भेल की ओर से इस बारे में कहा गया कि उन्होंने शहरी परिवहन में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह समझौता किया है। इस ट्रेन की खासियत हैं कि यह ट्रेन पटरी पर दौड़ने के बजाय हवा में रहती है। मैग्‍नेटिक फील्‍ड की मदद से इस ट्रेन पर नियंत्रित रखा जाता है। इस ट्रेन के लिए खास पटरियों की मदद से मैग्नेटिक फिल्ड तैयार होता है। जिसकी मदद से ट्रेन रफ्तार भरती है, इसलिए उसका पटरी से कोई सीधा संपर्क नहीं होता है। इस ट्रेन की रफ्तार 500 से 800 किमी प्रति घंटे की होती है।

     मेक इन इंडिया को ध्यान में रखकर किया समझौता

    मेक इन इंडिया को ध्यान में रखकर किया समझौता

    भेल(BHEL) ने SwissRapide AG के साथ किए गए इस समझौते के बारे में कहा कि यह समझौता इंटरनेशनल टेक्‍नोलॉजी को स्वदेश में लाने के मकसद से किया जा रहा है। भेल ने कहा कि इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को ध्यान में रखकर किया गया है। इस समझौते के बाद हाईटेक तकनीक की मदद से भेल मैग्लेव ट्रेनों को तैयार करेगी। इन ट्रेनों को तैयार करने में SwissRapide AG से भेल को तकनीक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, प्लानिंग, डिजाइन, इंप्लीमेंटेशन जैसे सेक्टर में सहायता मिलेगी। पिछले 5 दशकों से भारतीय रेलवे के विकास में अहम योगदान दे रही है।

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