8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की चांदी! 69,000 बेसिक पे की मांग, पुरानी पेंशन पर भी बड़ा अपडेट
8th Pay Commission Latest Update: दिल्ली में 8वें वेतन आयोग और कर्मचारी यूनियनों के बीच चल रही हाई-प्रोफाइल बैठकों का आज निर्णायक दिन है। देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें इस वक्त जनपथ की चंद्रलोक बिल्डिंग पर टिकी हैं, जहां उनकी सैलरी को तीन गुना से ज्यादा बढ़ाने और पुरानी पेंशन की बहाली जैसे बड़े मुद्दों पर आर-पार की चर्चा हो रही है।
यह महज एक बैठक नहीं, बल्कि उन 36 लाख से ज्यादा परिवारों के भविष्य का फैसला है जो एक सम्मानजनक वेतन वृद्धि की उम्मीद लगाए बैठे हैं। आइए जानते हैं क्या कुछ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं...

1. डेडलाइन में राहत: अब 31 मई तक का समय
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी संगठनों की मांग को मानते हुए आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। ज्ञापन (Memorandum) जमा करने की आखिरी तारीख अब 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी गई है।
- यह आवेदन केवल ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे।
- हार्ड कॉपी, ईमेल या पीडीएफ फाइलों पर आयोग कोई विचार नहीं करेगा।
2. सैलरी में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव
यूनियनों ने वेतन आयोग के सामने एक ऐसा चार्ट पेश किया है जो सरकारी कर्मचारियों की किस्मत बदल सकता है।
- न्यूनतम वेतन: वर्तमान 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी को सीधे 69,000 रुपये करने की मांग की गई है।
- फिटमेंट फैक्टर: इसे 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करने का प्रस्ताव है, जिससे पूरी सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा उछाल आएगा।
- सालाना इंक्रीमेंट: हर साल होने वाली 3% की वेतन वृद्धि को बढ़ाकर 6% करने पर जोर दिया गया है।
3. पुरानी पेंशन (OPS) पर आर-पार की जंग
सैलरी के अलावा पेंशन का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया हुआ है। यूनियनों ने साफ कर दिया है कि उन्हें NPS या UPS मंजूर नहीं है, बल्कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) को ही वापस लाया जाए। रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए अंतिम सैलरी का 67% हिस्सा पेंशन के रूप में देने की मांग रखी गई है।
4. रेलवे और डिफेंस जैसे सेक्टर के लिए स्पेशल मांगें
रेलवे और डिफेंस जैसे सेक्टर के लिए स्पेशल मांगें रखी गई हैं। NC-JCM ने मांग की है कि आयोग के सदस्य खुद फील्ड यूनिट्स और बॉर्डर इलाकों का दौरा करें। मकसद यह है कि अधिकारी खुद देखें कि कर्मचारी किन जोखिम भरी स्थितियों में काम करते हैं, ताकि उनके भत्ते उसी हिसाब से तय हों। रेलवे, आयकर और ऑडिट जैसे विभागों के लिए अलग से सुनवाई का समय मांगा गया है।
5. भत्ते और प्रमोशन की नई शर्तें
- HRA: शहरों की श्रेणी के आधार पर हाउस रेंट अलाउंस को 30% से 40% तक करने का सुझाव है।
- प्रमोशन: 30 साल की नौकरी में कम से कम 5 प्रमोशन की गारंटी और प्रमोशन पर दो एक्स्ट्रा इंक्रीमेंट की मांग की गई है।













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