Shocking! बच्चों को मौत के घाट उतारकर मां-बाप को भेजती थी तस्वीरें, काली करतूतों का हुआ पर्दाफाश
अस्पताल में बच्चों की देखभाल के लिए रखी गई नर्स ही बच्चों की हत्यारन बन गई और एक या दो नहीं बल्कि 7 बच्चों को मौत के घाट उतार दिया।
डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप और अस्पताल को मंदिर माना जाता है। जहां इंसान को दूसरा जीवन मिलता है। लेकिन जरा सोच कर देखिये अगर जीवन देना वाला या उसकी रक्षा करने वाला रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा? डॉक्टर्स पर लोगों को कितना भरोसा होता है। इसी उम्मीद में लोग अस्पताल में जाते हैं कि वे वहां चंगे भले होकर ही वापस आएंगे। लेकिन ब्रिटेन की एक नर्स ने ऐसी खतरनाक वारदात को अंजाम दिया है, जिसके बारे में जानकर आप भी दांतों तले उंगली दबा लेंगे। दिखने में आम महिलाओं जैसी दिखने वाली ये नर्स कितनी हैवान है, इसका अंदाजा उन मां-बाप को कभी नहीं लगा होगा, जिनके बच्चों की इसने बेरहमी से हत्या कर डाली।

नर्स की भयानक करतूत
जी हां! लूसी लेटबी नाम की इस नर्स ने ऐसी ही भयानक करतूत को अंजाम दिया है। बच्चों की देखभाल करने के लिए रखी गई इस नर्स ने उनकी जिंदगी ही ले ली। इस निर्दयी नर्स पर आरोप है कि उसने एक या दो नहीं, बल्कि सात-सात बच्चों को मौत के घाट उतारा है।

महिला ने कबूला जुर्म
इस महिला ने बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद ये बाद खुद भी स्वीकारी है उसने इतना घिनौना कृत्य किया है। अजीब बात तो ये है कि महिला बच्चों को मारने के बाद उनके साथ तस्वीर भी लेती थी। फिर नवजात बच्चों के पेरेंट्स को ये फोटोज भेजती थी।

सात बच्चों की कर चुकी है हत्या
लेटबी पर आरोप है कि उसने काउंटेस ऑफ चेस्टर अस्पताल में एक साल के अंदर सात बच्चों की हत्या की है और दस को घायल किया है।

ऐसे उतारती थी मौत के घाट
बताते चलें कि लेटबी बच्चों को खाली इंजेक्शन लगा देती थी, जिससे नवजात शिशुओं की मौत हो जाती थी। पहली बार में जब वो सफल नहीं हो पाती थी, तो दोबारा बच्चों को मारने की कोशिश करती थी। एक बार एक बच्चे को लेटबी ने पांच बार मारने की कोशिश की।

इंजेक्शन देकर की मारने की कोशिश
पहले उसने खाली इंजेक्शन के जरिये बच्चे के शरीर में हवा भरी, तो बच्चा नहीं मरा। लेकिन इसके बाद भी लेटबी चुप नहीं बैठी और उसने बार-बार उसे मारने की कोशिश की, जिसके बाद पांचवी बार में बच्चे ने दम तोड़ दिया।

ऐसे सामने आई काली करतूत
अस्पताल में लगातार बच्चों की मौत से डिपार्टमेंट भी हरकत में आ गया। जांच में पता लगा कि जितने बच्चों की भी मौत हुई है, उस वक्त लेटबी ही अस्पताल में मौजूद थीं। ऐसे में जांच हुई, तो पता चला कि ये सारी हरकत लेटबी की ही है।

2017 में हुई थी गिरफ्तारी
बताते चलें कि साल 2017 में जब अस्पताल में बच्चों की मौत की जांच शुरू हुई तो हालिया मामले से पहले ही मौतों के सिलसिले में लेटबी की गिरफ्तारी हुई थी। अब नवजात बच्चों की मौत का ये मामला कोर्ट में है।












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