चाँद से कंकड़ लाने के लिए नासा कंपनी को देगा 1 डॉलर
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा एक कंपनी को चाँद की सतह से चट्टानें चुन कर लाने के लिए एक अमेरिकी डॉलर का भुगतान कर रही है.
गुरुवार को 'लूनर आउटपोस्ट' नामक इस कंपनी को नासा ने यह ठेका दिया. यह कंपनी नासा के लिए चाँद से यह नमूने लेकर येगी.
नासा ने चार ऐसे अनुबंध किये हैं जिनके तहत कुछ कंपनियाँ नासा के लिए बेहद कम ख़र्च में चाँद से नमूने जुटायेंगी.
जिन अन्य कंपनियों ने नासा से ये अनुबंध जीते हैं, उनमें कैलिफ़ॉर्निया स्थित मास्टेन स्पेस सिस्टम्स, टोक्यो की आई-स्पेस और उसी की यूरोपियन सहायक कंपनी शामिल है. नासा इन कंपनियों को चाँद की सतह से कंकड़, पत्थर और मिट्टी लेकर आने के लिए भुगतान करेगा.
नासा के अनुसार, ये नमूने 50 ग्राम से 500 ग्राम वजन के बीच हो सकते हैं.
नासा के एक प्रवक्ता ने बताया, "ये कंपनियाँ हमारे लिए नमूने एकत्र करेंगी और फिर हमें दृश्य सबूत प्रदान करेंगी, साथ ही उससे जुड़ा डेटा भी देंगी. इससे चाँद से संबंधित और जानकारी हमें प्राप्त होगी."
लूनर आउटपोस्ट के सीईओ जस्टिन सायरस ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "यह मिशन 2023 में होना है, लेकिन हम कुछ लेंडर कंपनियों से बात कर रहे हैं जिनकी मदद से इसकी लॉन्च डेट थोड़ा पहले भी रखी जा सकती है."
'ये मामला पैसे का नहीं'
अमेरिका के कोलाराडो में स्थित लूनर आउटपोस्ट एक रोबोटिक्स कंपनी है. नासा से मिले अनुबंध के अनुसार, इस कंपनी को चाँद के साउथ पोल यानी दक्षिणी ध्रुव से चट्टानें एकत्र करने के लिए एक अमेरिकी डॉलर मिलेगा.
लेकिन इस मिशन के लिए जो रकम नासा इन कंपनियों को देने वाला है, वो इन कंपनियों के लिए सिर्फ़ प्रेरणा नहीं है, बल्कि मिशन से इन्हें कई वैज्ञानिक लाभ होने की उम्मीद है, जैसे कि चाँद की सतह से संसाधनों को निकालने का अभ्यास करने की अनुमति मिलना.
सायरस कहते हैं, "इस मिशन से बड़ा बदलाव आने वाला है, ख़ासकर उस सोच में जो अंतरिक्ष की खोज को लेकर रहती है."
सायरस की कंपनी ब्लू ओरिजन जैसी कुछ अन्य कंपनियों के संपर्क में है, जो विशेष रूप से चाँद तक उड़ान भरने पर काम कर रही हैं. अमेज़न के संस्थापक जेफ़ बेज़ोस की ब्लू ओरिजन को खड़ा करने में मुख्य भूमिका रही है.
जापान की जिस कंपनी के साथ नासा ने अनुबंध किया है, उसे पाँच हज़ार अमेरिकी डॉलर दिये जायेंगे और कंपनी 2022 में चाँद के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से नमूने एकत्र करेगी.
तीन किश्तों में मिलेगा एक डॉलर
अंतरिक्ष विशेषज्ञ सीनिएड ओ सुलीवान कहते हैं, "स्पेस प्रोग्राम के लिए एक अमेरिकी डॉलर जैसी रकम का भुगतान यहाँ महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि नासा ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहा है और नई मिसाल पेश कर रहा है."
उन्होंने कहा, "यहाँ प्रोग्राम में शामिल पैसा अहम नहीं है, बल्कि धरती के बाहर ख़रीदारों और विक्रेताओं का बाज़ार बनाने के लिए व्यावसायिक और क़ानूनी मानदण्ड बनाने का है."
नासा ने बताया है कि तीनों कंपनियों के पुरस्कारों का भुगतान तीन चरणों वाली प्रक्रिया में किया जाएगा.
पहले कंपनियों को 10 प्रतिशत पैसा मिलेगा, फिर 10 प्रतिशत भुगतान स्पेसक्राफ़्ट लॉन्च करते समय किया जायेगा और जब नासा कंपनियों द्वारा एकत्र किये गए नमूनों को सत्यापित कर लेगा, तब कंपनियों को 80 प्रतिशत भुगतान किया जायेगा.
इस पर मज़ाक करते हुए सायरस ने कहा, "हाँ, एक कंपनी को एक अमेरिकी डॉलर भी तीन किश्तों में मिलेंगे."
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