NASA ने ढूंढ ली हैं एलियंस की 5000 दुनिया, कुछ ऐसे हैं Alien के अजब-गजब ग्रह
नई दिल्ली, 22 मार्च: जब मनुष्य ने आकाश की ओर देखना शुरू किया, तो सबसे पहली जिज्ञासा यह होती है कि क्या हम ब्रह्मांड में अकेले हैं? समय के साथ हमने सूर्य के चारों ओर ग्रहों की खोज की, जो लाखों किलोमीटर पर उपस्थित होकर हमारे सौर मंडल का निर्माण कर रहे हैं। लेकिन हम हमेशा यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि धरती के अलावा किन जगहों पर जीवन है। ब्रह्मांड में एलियन की दुनिया कितनी है? इस सवाल का जवाब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ढूंढ लिया है। नासा के वैज्ञानिकों ने बताया है कि ब्रह्मांड में कम से कम 5 हजार एलियन की दुनिया है।

5 हजार एलियन दुनिया के बारे में पता लगाया
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ट्रांसिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस) की मदद से ब्रह्मांड में कम से कम 5 हजार एलियन दुनिया के बारे में पता लगाया है। चूंकि इन सभी को टीईएसएस की मदद से ढूंढा गया है इसलिए इन्हें टेस ऑब्जेक्ट ऑफ इंट्रेस्ट कहा गया है। नासा ने बताया कि साल 2019 में 4000 एक्सोप्लैनेट ढूंढ लिए थे और अब ये संख्या 5000 तक पहुंच चुकी है। हाल में जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप के ज़रिये इन ग्रहों के बारे में और जानकारी हासिल की जा रही है।

अब सामने आएंगे अनसुलझे रहस्य
65 नए ग्रहों की खोज के साथ नासा ने हमारे सौर मंडल से परे तारों के चारों ओर 5000 से अधिक ऐसे ग्रह पिंडों की उपस्थिति की पुष्टि की है, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में एक नया मील का पत्थर है। इसमें हर एक एक्सोप्लैटनेट अपने आपमें एक दुनिया है। एक्सोप्लैनेट आर्काइव साइंस के मुखिया जेसी क्रिस्टियनसेन ने बताया ये काफी उत्साहित करने वाला है और हम इन सबके बारे जाना चाहते हैं। नासा ने इससे पहले भी 90 के दशक में एक्सोप्लैनेट ढूंढ चुका है।

कई पृथ्वी जैसे हैं
नासा ने कहा, संग्रह एक्सोप्लैनेट खोजों को रिकॉर्ड करता है जो पीयर-रिव्यू किए गए वैज्ञानिक पत्रों में दिखाई देते हैं, और जिनकी पुष्टि कई डिटेक्शन विधियों या विश्लेषणात्मक तकनीकों का उपयोग करके की गई है। उनमें से प्रत्येक एक नई दुनिया है, एक नया ग्रह है। अब तक खोजे गए 5000 एक्सोप्लैनेट की संरचना और विशेषताओं की बात करें तो उनकी विभिन्न श्रेणियां हैं। इनमें पृथ्वी जैसे छोटे, चट्टानी हैं तो कुछ बृहस्पति से कई गुना बड़े गैसीय ग्रह हैं।

कुछ ऐसी है नई दुनिया
क्रिस्टियनसेन ने बताया कि, इस बीच, पिछले तीन दशकों में एक साथ दो तारों की परिक्रमा करने वाले ग्रह और मृत तारों के ढहे हुए अवशेषों की परिक्रमा करने वाले ग्रहों की भी खोज की गई है। यह सिर्फ एक संख्या नहीं है। मैं हर किसी के बारे में उत्साहित हो जाता हूं क्योंकि हम उनके बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं। खगोलविदों ने लंबे समय से कहा है कि मिल्की वे गैलेक्सी में ऐसे सैकड़ों अरबों ग्रह हैं और वह सिर्फ एक आकाशगंगा है। जबकि ब्रह्मांड में ऐसी हजारों आकाशगंगा हैं। इन एक्सोप्लैनेट्स की खोज केपलर स्पेस टेलिस्कोप ने की है।












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