दुनिया के सबसे खूंखार मगरमच्छ की स्ट्रेस लेने से हो गई थी मौत, 12 साल की बच्ची को निगल गया था जिंदा
मनीला, 18 फरवरी। क्या आप जानते हैं कि सिर्फ इंसानों में ही नहीं बल्कि जानवरों में भी स्टेस (तनाव) की समस्या होती है। इस मानसिक समस्या के चलते जानवरों की मौत भी हो जाती है। कई साल पहले ऐसा ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां खूंखार नजर आने वाला एक मगरमच्छ ज्यादा तनाव लेने की वजह से अपनी जान गंवा बैठा था। जी हां, नेचर से खतरनाक मगरमच्छ के बारे में आपने कई चौंकाने वाली बातें पढ़ीं या सुनी होंगी लेकिन शायद ही आपने कभी सुना हो कि पानी का राजा कहे जाने वाले मगरमच्छ की जान स्ट्रेस से चली गई।
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दुनियाभर में मशहूर था मगरमच्छ
उस मगरमच्छ का नाम 'लोलॉन्ग' था, जो अपनी साइज और कई अन्य घटनाओं के चलते दुनियाभर में मशहूर था। उसकी मौत 10 साल पहले हुई थी, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर लोलॉन्ग की तस्वीरें वायरल होने के बाद एक बार फिर उसकी चर्चा शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रेडिट पर लोग लोलॉन्ग के बारे में खूब चर्चा कर रहे हैं। साइज में 21 फीट लंबा ये मगरमच्छ काफी खतरनाक था और खारे पानी में रहता था।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नाम
अपनी मौत को लेकर लोलॉन्ग ने दुनियाभर में सुर्खियों बंटोरी थी, रिपोर्ट्स के मुताबिक उसका निधन ज्यादा स्ट्रेस लेने की वजह से हुआ था। आपको जानकर हैरानी होगी कि लोलॉन्ग का नाम साल 2012 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ था, इसे सिंतबर, 2011 में पकड़ा गया था। दुर्भाग्यवश इसके दो साल बाद ही 2013 में लोलॉन्ग की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि एक दिन फिलीपींस के जू में लोलॉन्ग अपने बाड़े में उल्टा पड़ा मिला था।

मौत के समय फूल गया था पेट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोलॉन्ग का पेट इस कदर फूल गया था कि उसकी मौत हो गई थी, जांच करने पर पता चला कि उसे फंगल इंफेक्शन के साथ स्ट्रेस की शिकायत हो गई थी। लोलॉन्ग से एक खौफनाक कहानी भी जुड़ी है जिसके बारे में सुन हर किसी की रूह कांप जाती है। बताया जाता है कि फिलीपींस के बुनावन शहर में लोलॉन्ग ने एक मछुआरे को मार डाला और उसे खा गया।

12 साल की बच्ची को खा गया था दैत्य
इतना ही नहीं मगरमच्छ को आदमखोर जीव का नाम भी तब मिला जब उसने एक 12 साल की बच्ची को मारकर खा लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक इसी घटना के बाद लोलॉन्ग को पकड़े जाने की मुहिम शुरू हुई। जिस बच्ची को उनसे खाया था, उसका सिर भी बरामद कर लिया गया था। लोलॉन्ग को पकड़े जाने के बाद उसे इको टूरिज्म पार्क में रखा गया, जहां इस आदमखोर को देखने दूर-दूर से लोग आते थे। बताया जाता है कि मौत से करीब एक महीने पहले ही मगरमच्छ ने खाना छोड़ दिया था।
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