माइक्रोस्कोप से सामने आया मधुमक्खी के डंक का चौंकाने वाला राज, VIDEO में देखें
कभी न कभी और किसी न किसी को मधुमक्खी ने डंक जरूर मारा होगा। लेकिन, यह कोई नहीं जानता कि डंक के अंदर दो धारदार तलवारें होती हैं। जो शरीर में चुभते ही एक असहनीय दर्द को और बढ़ा देती हैं।
मधुमक्खी का काटना एक सामान्य घटना है। लेकिन, अगर आपको स्किन एलर्जी या कई मधुमक्खियां आपको डंक मारती हैं तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। ऐसे में तत्काल डॉक्टर का परामर्श लेना चाहिए। माइक्रोस्कोप की मदद से अगर मधुमक्खी के डंक मारने की प्रवृत्ति को देखा जाए, तो साफ पता चलता है कि मधुमक्खी के डंक में कटीली ब्लेड नुमा दो तलवारें होती हैं।
जिसके जरिए डंक अंदर धंस जाता है। फिर धीरे-धीरे जहरीला पदार्थ अंदर छोड़ देते हैं। जैसे ही डंक अंदर चुभता है, एलर्जिक रिएक्शन असहनीय दर्द का एहसास पैदा कर देते हैं। क्या डंक मारने के बाद मर जाती है मधुमक्खी?

ऑर्गन फैलियर की वजह होती मधुमक्खियों की मौत
दरअसल, मधुमक्खियों पर अध्ययन करने वाले एक्सपर्ट्स की मानें तो मधुमक्खियों के डंक मारने के कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो जाती है। इसकी वजह है, उनका प्रजनन अंग निकल जाना। असल में मधुमक्खियों के डंक की बनावट कुछ इस तरह कि होती है कि शरीर में डंक के धंसने के बाद जैसे ही मधुमक्खी दूर हटती है तो डंक के साथ उसका प्रजनन अंग भी टूटकर निकल जाता है। प्रजनन अंग और पेट के अंगों के बिना मधुमक्खी कुछ घंटे बाद मर जाती है।
ऐसे होते हैं रिएक्शन
मधुमक्खियों के डंक मारने की जगह पर तुरंत तेज जलन वाला दर्द, लाल धब्बा और आसपास हल्की सूजन होती है। वहीं, कोई मधुमेह का मरीज है तो उसके सूजन दो या दिन में तेजी से बढ़ती जाती है।
डंक मारने पर तुरंत करें ये उपाय
- अच्छी तरह साबुन से धोएं। फिर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएं।
- शहद से भी लगा सकते हैं। क्योंकि शहद में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं।
- बर्फ का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इससे जहर शरीर में नहीं फैलेगा और दर्द से भी राहत मिलेगी।
- विनेगर भी डंक वाली जगह पर लगा सकते हैं। जिससे शरीर में जहर नहीं फैलेगा।












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