नाखून अगर सफ़ेद, पीले या फिर नीले पड़ जाएं तो समझ जाइए कि..
नाखूनों का ख्याल रखना ब्यूटी या नेल सलून जाने से कहीं ज़्यादा ज़रूरी बात है. शरीर का ये हिस्सा आपकी सेहत और कई स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत वक़्त से पहले दे देता है.
इसलिए नाखूनों के रंग और उसमें आने वाले बदलावों पर ध्यान देना ज़रूरी है. नाखूनों पर धब्बों का आना या चकते पड़ना या कुछ और होना किसी आने वाली बीमारी की चेतावनी हो सकता है.
जब भी ऐसा हो तो किसी चर्म रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है ताकि ख़ून की जांच और अन्य तरीकों से डॉक्टर अपने मरीज़ की स्थिति समझ सके.
और जब कुछ गंभीर मसला होने का संदेह हो तो स्पेशलिस्ट बायोप्सी कराने के लिए कह सकता है.
ऐसे रोग भी होते हैं जो हमारे शरीर के एक या उससे अधिक अंगों को प्रभावित करते हैं. भले ही ये बीमारी हाथ में हो या पैर में.
स्वास्थ्य की ज़्यादातर समस्याएं किडनी, त्वचा, लीवर, इंडोस्रीन (अंतःस्रावी ग्रंथि), पोषण और प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी होती हैं.
अच्छी बात ये है कि नाखून में किसी तरह का बदलाव ज़रूरी नहीं है कि हमेशा कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या ही बतलाए. कभी-कभी ये रूटीन के तौर पर भी होती हैं.
त्वचा रोग विशेषज्ञ वलेरिया ज़ानेला फ़्रैंज़न कहती हैं, "पैर के नाखूनों की देखभाल कम की जाती है और कई बार उसमें समस्याएं ज़्यादा होती हैं. उदाहरण के लिए ये पीले पड़ने लगते हैं और मोटे हो जाते हैं."
हम आगे ऐसे कुछ स्थितियों के बारे में बताएंगे जो आने वाली समस्याओं के संकेत देते हैं और जिन पर ध्यान दिया जाना ज़रूरी है.
कहां रहना स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद है, गांव या शहर?
जलवायु परिवर्तन से बिगड़ रहा है बच्चों का स्वास्थ्य
सफ़ेद नाखून
अगर किसी को ये लगे कि उसके नाखूनों में कोई असामान्य बदलाव हो रहा है तो सबसे पहले उसे उसके रंग पर गौर करना चाहिए.
अगर नाखून का रंग सफ़ेद जैसा लगे तो ये माइकोसिस, सराइअसिस, निमोनिया और यहां तक कि दिल की बीमारी का भी संकेत हो सकता है.
पोषक तत्वों की कमी, कम प्रोटीन वाला खाना भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है.
त्वचा रोग विशेषज्ञ जूलियाना पिक्वेट कहती हैं, "नाखून फीके पड़ जाएं तो ये अनीमिया (रक्तहीनता) का संकेत हो सकता है. शरीर में आयरन की कमी नाखूनों को चम्मच के आकार जैसा और खोखला बना सकता है."
ल्यूकोनिकिया जैसी भी एक स्थिति होती है जिसमें नाखूनों पर सफेद रंग के चकते पड़ने लगते हैं. लेकिन इसका कोई नुक़सान नहीं होता है और ये शरीर में किसी बदलाव की ओर संकेत नहीं करते हैं.
इन स्थितियों का इलाज करने के लिए डॉक्टर आम तौर पर मरीज़ों से समस्या के असली कारण जानने की कोशिश करते हैं.
अगर आपके नाखूनों का रंग सफेद लगने लगा हो तो त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास जाएं और वहां अगर कोई मेडिकल टेस्ट कराने के लिए कहा जाए तो ज़रूर कराएं ताकि आगे किसी स्पेशलिस्ट डॉक्टर से ज़रूरत पड़ने पर संपर्क किया जा सके.
क्या रेड वाइन पीना स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो सकता है?
कोरोना संकट के सामने भारत का स्वास्थ्य ढांचा चरमराया, मीडिया उठा रहा सवाल
पीले नाखून
नाखूनों का पीलापन आनुवांशिक भी हो सकता है या फिर बढ़ती उम्र भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती है. इस सूरत में ये मोटे लगने लगते हैं और इनका पीलापन भी महसूस होता है.
ऐसा फंगल इन्फेक्शन के कारण भी हो सकता है. साथ ही कुछ गंभीर मामलों में ये सराइअसिस, एचआईवी और किडनी की बीमारी का भा संकेत देता है.
जो लोग अधिक धूम्रपान करते हैं, उनके नाखूनों का रंग भी सिगरेट के सीधे संपर्क में आने के कारण पीला दिखने लगता है.
ऐसे मामलों में अंगूठे और तर्जनी की अंगुली में ये पीलापन अधिक महसूस होता है.
भारत में गर्मी से जीना क्यों होता जा रहा है मुश्किल?- दुनिया जहान
'सिंगल यूज़ प्लास्टिक' पर पाबंदी क्या 'प्लास्टिक पॉलिटिक्स' की जीत है?
नाखूनों पर सफेद धब्बे
स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर इसे 'पिटिंग' भी कहते हैं. नाखूनों पर ये छोटे स्पॉट की तरह लगते हैं, ज़्यादातर एक नाखून पर एक ही होते हैं.
ये एटॉपिक डर्मटाइटिस (एक तरह का एग्ज़ीमा), सराइअसिस या अन्य किसी त्वचा रोग या बालों की समस्या से जुड़ा हो सकता है.
फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ़ साओ पाउलो में त्वचा रोग विशेषज्ञ जूलियाना टोमा कहती हैं, "अगर नाखूनों पर उभरने वाला सफेद हिस्सा दिखने में साफ़ लगे तो ये एलोपेसिया एरीयाटा (अचानक बाल झड़ना) से जुड़ा हो सकता है. उस हालत में आपको अपने बालों की समस्या का इलाज कराना चाहिए."
कुछ चुनिंदा मामलों में ये सिफलिस नाम के एक यौन संक्रामक रोग का भी संकेत हो सकता है.
सिगरेट छोड़ना क्यों है मुश्किल- दुनिया जहान
100 साल तक जीने का नुस्ख़ा क्या है?-दुनिया जहान
नीले नाखून
हालांकि ये बहुत देखने को मिलता है. नाखूनों का नीला होना किसी ख़ास दवा के इस्तेमाल के कारण हो सकता है.
मुंहासों या मलेरिया की दवाओं के इस्तेमाल करने वाले लोगों के नाखूनों में ऐसे मामले देखने को मिलते हैं.
जब ऐसा हो तो डॉक्टर को ये देखना चाहिए कि क्या किसी ख़ास दवा को रोकने की ज़रूरत है या फिर कहीं इलाज बदलने की ज़रूरत तो नहीं.
जब इंसान का आमना- सामना होगा अपने डिजिटल हमशक्ल से
जब महिमा चौधरी के चेहरे से निकाले गए थे 67 कांच के टुकड़े
नाखून पर फंगल इन्फेक्शन का बार-बार होना
माइकोसिस फंगल इन्फेक्शन के कारण होता है और इलाज बंद किए जाने की सूरत में ये दोबारा से हो सकता है. अगर इस पर ठीक से नज़र नहीं रखी गई तो ये बार-बार उभर सकता है.
पैर के नाखून में ये समस्या अक्सर होती है. डॉक्टरों का कहना है कि इलाज शुरू करने पर इसे छह महीने तक जारी रखा जाना चाहिए.
अगर हाथ में ऐसा हो तो तीन से चार महीने इलाज किया जाना चाहिए. आदर्श रूप में मरीज को समय पर दवा लेनी चाहिए और जब डॉक्टर कहें तभी ज़रूरी एहतियात लेना बंद करना चाहिए.
साथ ही ये सलाह भी दी जाती है कि ऐसी जगहों पर जाने से बचा जाना चाहिए जहां ये इन्फेक्शन हो सकता है जैसे टाइट और गर्म जूते, स्वीमिंग पूल और सॉना का इस्तेमाल.
अरब के युवा नामर्दी से जुड़ी दवाओं का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं?
आप प्रेम कर रहे हैं या वासना के हैं शिकार, इस फर्क को समझना ज़रूरी है
नाखूनों पर लकीरें
इन्हें 'ब्योज़ लाइंस' भी कहते हैं. ये नाखून पर क्षैतिज लकीरों की तरह दिखाई देती हैं.
अमूमन तेज़ बुखार या कीमोथेरेपी के इलाज के बाद ये देखने को मिलता है.
जब ये लकीरें गहरे रंग की मालूम दें और केवल एक उंगली पर दिखाई दे तो ये मेलानोमा का संकेत हो सकता है.
मेलानोमा एक तरह का स्किन कैंसर है.
अपनी अजन्मी बच्ची की धड़कनें रोकने के लिए प्रार्थना करने को मजबूर माता-पिता की कहानी
Ramsay Hunt Syndrome: जस्टिन बीबर को आख़िर क्या बीमारी है
नाखूनों में भुरभुरापन
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी केमिकल प्रोडक्ट के संपर्क में आने की सूरत में नाखून टूटने या झड़ जाने की हद तक सूख जाते हैं.
अगर ऐसा है तो शरीर के उस हिस्से में डॉक्टर की सलाह से क्रीम वगैरह के जरिए नमी बनाकर रखी जानी चाहिए.
कमज़ोर नाखूनों की दूसरी वजह भी हो सकती है जैसे कि भोजन में प्रोटीन, बायोटीन (बी7) और दूसरे बी विटामिंस की कमी.
शाकाहारी लोग अगर विटामिन बी12 और दूसरे पोषक तत्वों की खुराक पर्याप्त रूप से लें तो वे नाखूनों को बारे टूट कर झड़ने से बचा सकते हैं.
'मेरे पति सिगरेट पीते थे, मुझे कैंसर हो गया'
विश्व थायरॉइड दिवस: थायरॉइड है क्या? क्या यह बीमारी जानलेवा है?
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
-
VIDEO: Hardik Pandya की गर्लफ्रेंड से भिड़े ICC अधिकारी, मैदान से बाहर जाने को कहा? फिर मचा भयंकर बवाल -
North Korea missile launch: युद्ध के माहौल के बीच किम जोंग उन ने दागी मिसाइल, जपानी PM ने बुलाई इमरजेंसी बैठक -
'मुझे रात 9 बजे अजीब सी तलब लगती है और फिर', फेमस एक्ट्रेस का शॉकिंग खुलासा, जेल से बाहर आकर बताई सच्चाई -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना हुआ और सस्ता! 10 ग्राम गोल्ड की कीमत में बड़ी गिरावट, आज क्या है नया रेट -
26 साल बाद सामने आया सलमान खान-ऐश्वर्या राय का ऐसा वीडियो, लोगों के उड़े होश, स्टेज पर किया था ये काम -
LPG Gas Rule: घर में कितने गैस सिलेंडर रखना कानूनी? ज्यादा रखे तो हो सकती है जेल, सरकार का पूरा नियम जान लें -
खेल जगत में शोक की लहर, मैच के दौरान 25 साल के भारतीय खिलाड़ी का निधन, मैदान पर ही थम गई सांसें -
LPG Crisis: नहीं बंद होंगे होटल-रेस्तरां!, Commercial Cylinder के लिए हरदीप सिंह पुरी ने किया बड़़ा ऐलान -
Ladli Behna Yojana: इन महिलाओं के खाते में नहीं आएंगे 1500 रुपये, घर बैठे ऐसे करें स्टेटस चेक -
Shani Asta 2026: शनि हुए अस्त, इन तीन राशियों की किस्मत बनेगी रॉकेट, जमकर होगा धनलाभ -
Tanushree Dutta Caste: बॉलीवुड की पोल खोलने वालीं तनुश्री दत्ता की क्या है जाति? लड़कियों पर किया ऐसा कमेंट -
1-2 नहीं 6 हसीनाओं के साथ चला Pawan Singh का चक्कर, बेवफाई-धोखेबाजी का लगा ऐसा आरोप, कर ली तीसरी शादी?












Click it and Unblock the Notifications