Watch Video:'गजराज' ने अचानक BUS पर कर दिया जानलेवा हमला, मदद के लिए चीखते रहे यात्री
चेन्नई, 28 सितंबर। विशालकाय जानवरों में से एक हाथी दिखने में तो काफी शांत होते हैं, लेकिन अगर उन्हें गुस्सा आ जाए तो वह किसी भी चीज को चींटी की तरह मसलने की ताकत रखते हैं। ऐसा ही एक मामला तमिलनाडु के नीलगिरी से सामने आया है, जहां एक हाथी ने सरकारी बस पर ही हमला बोल दिया। बस के अंदर बैठे लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

हाथी को आया बस पर गुस्सा
वीडियो में देखा जा सकता है कि गजराज काफी गुस्से में बस की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच ड्राइवर थोड़ी दूर तक बस को रिवर्स करता है लेकिन उसकी ये तरकीब भी काम नहीं आती। बस रुकने के बाद हाथी जोर से विंडशील्ड पर हमला करता है जिससे शीशे में दरार आ जाती है। ये सब देख बस में बैठे यात्रियों की चीख निकल जाती है, वो किसी तरह हाथी के वहां से चल जाने के लिए भगवान से दुआ मांग रहे थे।

ट्विटर पर वायरल हुआ भयानक वीडियो
ट्विटर पर इस भयानक वीडियो को तमिलनाडु के पर्यावरण जलवायु परिवर्तन और वन के प्रधान सचिव सुप्रिया साहू ने पोस्ट किया है। वीडियो को 25 सितंबर, 2021 को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था, अब तक इसे 70,000 से अधिक बार देखा जा चुका है और संख्या अभी भी बढ़ रही है। लोगों ने वीडियो को भयानक पाया और यात्रियों को सावधानी से बचाने के लिए शांत स्वभाव वाले ड्राइवर की प्रशंसा की।

बस चालक ने नहीं खोया आपा
वीडियो के कैप्शन में सुप्रिया साहू ने लिखा, नीलगिरी में इस सरकारी बस के चालक के लिए सम्मान बढ़ गया है, जिसने एक उत्तेजित टस्कर (हाथी) द्वारा बस पर हमले के बावजूद अपना आपा नहीं खोया। उन्होंने (बस चालक) आज सुबह इस खौफनाक घटना में यात्रियों को सुरक्षित उनकी मंजिल तक पहुंचाया। इसलिए कहते हैं शांत दिमाग से लिया गया फैसला लाभकारी होता है।

यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर यूजर्स भी रिएक्शन दे रहे हैं। इस भयानक हादसे को देखने के बाद लोग बस ड्राइवर की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने पूछा, 'क्या कोई सुझाव दे सकता है कि ऐसी परिस्थितियों में किसी को क्या करना चाहिए? तब तक प्रतीक्षा करें जब तक कि हाथी दूर न चला जाए या हॉर्न बजाएं या पीछे हटने का प्रयास करें?' एक अन्य यूजर ने कहा, 'क्या हम उन जगहों/जंगलों पर आक्रमण कर सही कर रहे हैं जहां जानवर रहते हैं, वो भोजन की तलाश में शहरों की ओर जाने को मजबूर हैं। जानवरों को उनके क्षेत्र में रहने देना चाहिए।'
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