कर्नाटक में बस कंडक्टर ने दादी से वसूल लिया तोते का किराया, वायरल हो रही 444 रुपये वाली पर्ची
हाल ही में, कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) की बस में बेंगलुरु से मैसूर जा रही एक बस में तोते का किराया वसूल लिया गया। दिलचस्प बात ये है कि उस तोते को ले जा रही महिला से कोई किराया नहीं वसूला गया। इस असमान्य घटना से जुड़ी खबर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
ये घटना कर्नाटक की है। कर्नाटक में महिलाओं से जुड़ी एक योजना सरकार चला रही है। इसका नाम 'शक्ति योजना' है। इस योजना के तहत महिलाएं फ्री में बस से यात्रा कर सकती हैं। सरकार की इस स्कीम की वजह से महिलाओं का बस में कोई टिकट किराया नहीं लगता है। लेकिन तोते के लिए सरकार ऐसी योजना लेकर नहीं आई है।

टिकट पर लिखी तारीख के मुताबिक मंगलवार को एक महिला अपनी नातिन के साथ बेंगलुरु से मैसूर जाने के लिए बस स्टैंड पहुंचीं। वो दोनों तो 'शक्ति योजना' के तहत फ्री में बस में चढ़ सकती थीं, इसलिए उन्हें टिकट लेने की जरूरत नहीं थी। लेकिन, असली मजेदार बात तो ये हुई कि जब वो अपने साथ एक पिंजरे में तोते लेकर आईं, तो KSRTC के कंडक्टर ने उनसे उन तोतों का किराया वसूल लिया। इसे देखकर बस में बैठे लोग भी हैरान हो गए।
कंडक्टर ने पिंचड़े में बंद 4 तोते का किराया 444 रुपये वसूला। यानी एक तोते का किराया 111 रुपये। कंडक्टर को ऐसा करते देख बाकी यात्री हैरान हो गए। कुछ यात्रियों ने तो इन तस्वीरों को खींच लिया। इन तस्वीरों में दादी और पोती को तोतों के पिंजरे के साथ बस की सीट पर बैठा देखा जा सकता है।
आपको बता दें कि कंडक्टर ने महिला यात्री से तोतों का किराया वसूलकर कोई गलती नहीं की। दरअसल कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) के नियमों के हिसाब से ये बिल्कुल सही फैसला था। KSRTC गैर-एसी वाली बसों में पालतू जानवरों को ले जाने की इजाजत देता है।
लेकिन, ये नियम स्पेशल सर्विस वाली बसों पर लागू नहीं होता है। KSRTC के नियमों के मुताबिक पालतू कुत्ते का किराया एक बड़े आदमी के आधे टिकट के बराबर होता है, वहीं, अन्य छोटे जानवरों जैसे कि पिल्ले, खरगोश, चिड़िया और बिल्ली का किराया एक बच्चे के टिकट के आधे के बराबर होता है।












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