असम के स्टार्टअप ने लॉन्च की 'जेलेंस्की' चाय, कहा- यूक्रेन के राष्ट्रपति की तरह कड़क और जायकेदार
कड़क चाय पीना किसे पंसद नहीं। यदि आपको भी कड़ चाय पसंद है तो असम के एक स्टार्टअप ने कड़क और स्ट्रॉन्ग चाय निकाली है और कंपनी ने इसे 'जेलेंस्की' नाम दिया है।
दिसपुर, 17 मार्च। कड़क चाय पीना किसे पंसद नहीं। यदि आपको भी कड़ चाय पसंद है तो असम के एक स्टार्टअप ने कड़क और स्ट्रॉन्ग चाय निकाली है और कंपनी ने इसे 'जेलेंस्की' नाम दिया है। दरअसल असम की चाय कंपनी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से इम्प्रेस होकर चाय को यह नाम दिया है।
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जेलेंस्की की बहादुरी को सम्मान देने के लिए रखा नाम
आपको मालूम होगा कि रूस-यूक्रेन में जबरदस्त जंग छिड़ी हुई है। रूस की सेना और उसकी ताकत के सामने यूक्रेन कहीं नहीं टिकता, लेकिन फिर भी यूक्रेन पूरी हिम्मत और बहादुरी से साथ रूसी सेना का सामना कर रहा है। यूक्रेन की इस हिम्मत का पूरा श्रेय वहां के राष्ट्रपति जेलेंस्की को दिया जा रहा है, जो पल-पल पर अपनी सेना की हौसला अफजाई कर रहे हैं। जेलेंस्की की इसी निडरता से प्रभावित होकर असम की चाय कंपनी ने अपनी एक चाय का नाम जेलेंस्की चाय रखा है।

जेलेंस्की की तरह ही कड़क और मजबूत है यह चाय
एरोमैटिक टी के निदेशक रंजीत बरुआ ने कहा कि असम सीटीसी चाय ब्रांड 'जेलेंस्की' को बुधवार को लॉन्च किया गया। बरुआ ने कहा कि इस चाय को लॉन्च करने का मकसद यूक्रेनी राष्ट्रपति की वीरता और उनके साहस को सम्मान देना है, जिन्होंने युद्धग्रस्त यू्क्रेन से भागने के अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। जेलेंस्की ने कहा था कि उन्हें मुफ्त सवारी की नहीं बल्कि गोला बारूद की जरूरत है और यह उनके चरित्र को दर्शाता है।

घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं जेलेंस्की चाय
बरुआ ने कहा कि वे जानते हैं कि वे रुस से जीत नहीं सकते लेकिन फिर भी वे रूस के सामने सीना तानकर खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम से चाय निकालकर हम यह बता रहे हैं कि हमारी चाय जेलेंस्की की तरह ही कड़क और स्ट्रॉन्ग है। उन्होंने कहा कि इस चाय को ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।












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