लौकी का जूस पीते ही महिला को होने लगी खून की उल्टी, मौत के मुंह से लौटकर आई
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के स्वारघाट में रसायन से भरपूर लौकी की वजह से एक महिला मौत के मुंह में जाते-जाते बची है। स्वारघाट की एक महिला बाजार से एक लौकी को ले आई और उसका जूस निकालकर पी लिया। महिला पहले भी लौकी का जूस पीती रही थी। इस बार जूस पीते ही महिला की तबीयत बिगड़ गई। खून की उल्टियां कर रही महिला को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए नालागढ़ अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज कर डॉक्टरों ने महिला की जान बचा ली है।

जानकारी के मुताबिक, लौकी का जूस पीते ही महिला को खून की उल्टी होने लगी। महिला को आनन-फानन में पीएचसी स्वारघाट ले जाया गया। वहां पर उसकी खराब हालत को देखते हुए नालागढ़ अस्पताल रेफर कर दिया गया। नालागढ़ अस्पताल में तीन दिन तक महिला का इलाज चला तब जाकर उसकी जान बच पाई। महिला ने बताया कि जब उसने लौकी का जूस पीया तो वह कड़वा लगा लेकिन वह पी गई जिसके बाद उसकी हालत खराब होने लगी। महिला ने बताया कि मेरी सेहत इतनी खराब हो गई कि मैं बस मौत के मुंह से लौटकर आई हूं।
डॉक्टर के मुताबिक, लौकी पर अधिक रसायनयुक्त छिड़काव होने से जहरीली हो गई थी जिससे महिला फूड प्वाइजनिंग की शिकार हो गई। डॉक्टर ने बताया कि लौकी का जहर महिला के शरीर में ज्यादा फैल गया जिस वजह से उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। अगर इलाज में देरी होती तो महिला की जान जा सकती थी। वहीं इस बारे में कृषि विभाग के अधिकारी प्रताप चंदेल ने बताया कि सब्जियों पर अत्यधिक मात्रा में दवाई का छिड़काव नहीं करना चाहिए। लोगों को छिड़काव की हुई सब्जियों को 5 से 7 दिनों तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सब्जियों को काट कर नमक वाले पानी में धो लें ताकि सब्जियों में किया हुआ दवाइयों का छिड़काव का असर खत्म हो सके और फूड प्वाइजनिंग न हो।












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