यूपी में बिजनौर पुलिस के हत्थे चढ़ा सल्लू सांप, जानिए इस Snake की कीमत क्यों है चार करोड़ रुपए?
बिजनौर, 05 अक्टूबर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने सल्लू सांप यानि पैगोलिन के साथ तस्करी करने वाले गैंग के 15 लोगों को अरेस्ट किया है। पैंगोलिन विलुप्त दुर्लभ प्रजाति का जानवर है। यह अफ्रीका व एशिया में पाया जाता है। इसकी कुल 8 प्रजातियां हैं। इंडियन व चीनी पैंगोलिन भारत में पाया जाता है। इसे सल्लू सांप के नाम से भी पुकारा जाता है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पैंगोलिन की कीमत चार करोड़ रुपए की बताई जा रही है।

पुलिस ने छापेमारी कर बरामद किया दुर्लभ पैंगोलिन
दरअसल, बिजनौर के एसपी को सूचना मिली थी, जिसके आधार पर नगीना देहात पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बनोवाली के पास एक डेरे पर बीते रविवार की रात छापेमारी कर दी। इस दौरान पुलिस ने दुर्लभ प्रजाति के वन्य स्तनधारी जीव पैंगोलिन को बरामद कर लिया। इसके साथ ही मौके से 15 लोगों को दबोच लिया। ये लोग बिहार के कुछ तस्करों को पैंगोलिन को भारी दाम पर बेचना चाहते थे। बताया जा रहा है कि इसका सौदा करीब सवा करोड़ में हो रहा था।
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अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत चार करोड़
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पैंगोलिन की कीमत चार करोड़ बताई जा रही है। पकड़े गए आरोपितों में छह बिहार, एक हरियाणा यमुनानगर, एक कंकरखेड़ा मेरठ और बाकी बिजनौर के रहने वाले हैं। पकड़े गए सभी तस्कर रसूखदार हैं और एक इनमें एसटीएफ का सिपाही भी है, जो बिहार का रहने वाला है।

यौनवर्धक दवाओं में भी किया जाता है इसका इस्तेमाल
पैंगोलिन जानवर इस्तेमाल ट्रेडिशनल चाईनीज मेडिसिन में किया जाता है। पैंगोलिन की हड्डियां और मास की तस्करी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में होती है। इसका प्रयोग यौनवर्धक दवाओं के साथ कई अन्य तरह की दवाएं बनाने में किया जाता है। बता दें, पैंगोलिन करीब 4 फिट का एक शर्मीला जीव होता है। यह भोजन के रूप में दीमक और चींटी को खाता है। पूर्वोतर भारत में इससे चायनीज पैंगोलिन और अन्य राज्यों में इंडियन पैंगोलिन कहा जाता है। इसकी तस्करी मलेशिया, चीन, हॉगकॉग, सिंगापुर आदि देशों में होती है। यह एक विलुप्त प्रजाति का स्तनधारी जीव है और देश के 14 जंगलों में पाया जाता है।












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