शर्मनाकः बिहार में एंबुलेंस नहीं मिलने पर पोस्टमार्टम के लिए ठेले पर ले जानी पड़ी महिला की लाश
नालंदा। हाल ही में नालंदा के ही अस्पताल का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें अस्पताल की व्यवस्था को लेकर शिकायत की गई थी। वहीं कुछ दिन पहले एक डॉक्टर का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें डॉक्टर ठेले पर बैठकर मरीज को देखने जा रहा था। लगातार इन घटनाओं से ऐसा लगता है कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। एक तरफ कोरोना वायरस के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। वहीं इलाज के लिए मरीजों को जूझना पड़ रहा है। इधर, नालंदा में एंबुलेंस बंद है, क्योंकि एंबुलेंसकर्मी हड़ताल पर चले गए हैं।

एंबुलेंसकर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से एक बेहद ही दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहां एक महिला का शव एंबुलेंस नहीं मिलने की वजह से ठेले से ले जाते हुए दिखाई दिया। दरअसल, दीपनगर थाना क्षेत्र इलाके के जुरारपुर गांव में शराब बेचने से मना करने पर पास के ही पड़ोसी कैलू पासवान,भासो पासवान राहुल पासवान ने एक महिला साको देवी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जिसके बाद महिला के शव को परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल ठेले पर लाया गया।

एंबुलेंसकर्मी हड़ताल पर हैं। पुलिस के एंबुलेंसकर्मी के साथ मारपीट के बाद वो लोग हड़ताल पर चले गए, जिसकी वजह से महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए ठेले से शव को अस्पताल ले जाना पड़ा। एंबुलेंस संघ के जिलाध्यक्ष अमित पांडेय ने यहां बताया कि भागनबीघा थाने की पुलिस ने एक घायल व्यक्ति को सदर अस्पताल पहुंचाने के लिए एबुलेंसकर्मी मनीष कुमार को कहा था।
लेकिन मनीष ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित होने के कारण बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाने की जगह रहुई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की बात कही। इसी बात को लेकर एंबुलेंसकर्मी और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंसकर्मी के साथ पिटाई कर उसे घायल कर दिया।












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