Bihar Politics: NDA की 'नीतीश सरकार' में मंत्रिमंडल विस्तार में क्यों हो रही देरी, कहां फंसा पेंच?
Bihar Political News: बिहार में एनडीए की नई सरकार में कुछ मंत्रियों ने शपथ ली, लेकिन अभी तक विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है। सियासी गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि नीतीश कुमार के साथ 8 मंत्रियों ने शपथ ली लेकिन उन्हें विभाग क्यों नहीं मिलें हैं।
सूत्रों की मानें तो सीएम नीतीश कुमार और बिहार बीजेपी नेतृत्व में विभागों के बंटवारे को लेकर बात नहीं बन पा रही है। पिछले 18 साल के कार्यकाल में सीएम नीतीश कुमार के सामने ऐसे हालात पहले कभी पैदा नहीं हुए, जो अब पैदा हो रहे हैं।

नीतीश कुमार ने राजद के साथ 2015 में सरकार बनाई, 20 नवंबर 2015 को सीएम पद की शपथ ली। वहीं तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम बने। इनके अलावा 20 नवंबर को ही 23 मंत्रियों ने शपथ ली। कुछ घंटों के बाद विभाग भी आवंटित कर दिए गए।
2017 में नीतीश कुमार ने एनडीए का दामन थामा तो 27 जुलाई 2017 को खुद (नीतीश कुमार) ने सीएम पद की शपथ ली। सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री बने, दो दिनों बाद 27 मंत्रियों ने शपथ ली और कुछ ही घंटों में सभी को विभाग भी मिल गए।
नीतीश कुमार ने 2020 में एनडीए (बीजेपी) के साथ सरकार का गठन किया। 16 नवंबर 2020 तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी डिप्टी सीएम बनीं। इनके साथ ही 15 मंत्रियों ने शपथ ली और उसी दिन सभी को विभाग आवंटन का भी फ़ैसला हो गया।
नीतीश कुमार ने जब 2022 में यू-टर्न लिया तो 9 अगस्त को उन्होंने सीएम पद की शपथ ली। तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बने, इसके साथ ही 31 मंत्रियों ने भी शपथ ली और उसी दिन विभागों के बंटवारे का भी फ़ैसला हो गया।
अब जब एक बार फिर नीतीश कुमार ने एनडीए के साथ जाकर बिहार में भाजपा का कमल खिलाया है तो, उन्हें विभागों के बंटवारे में परेशानी हो रही है। सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार भाजपा के कोटे में वह विभाग देना चाह रहे हैं जो राजद और कांग्रेस के पास थी। भाजपा इस पर राज़ी नहीं है, इस बार भाजपा गृह और सामान्य प्रशासन विभाग चाह रही है। यह वजह है कि विभागों के बंटवारे का पेंच फंसा हुआ है।












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