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सीवान का वो हत्याकांड जिससे हिल गया था पूरा बिहार, तेजाब से शहाबुद्दीन ने दो भाइयों का किया था कत्ल

By Rahul Sankrityayan
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सीवान। बिहार स्थित सीवान के बहुचर्चित तेजाब कांड पर आज पटना हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और मोहम्मद शहाबुद्दीन समेत 4 अन्य को दी गई उम्रकैद की सजा बरकार रखी है। बता दें तेजाब कांड में सीवान के चंदकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के दो बेटों को एसिड से नहला दिया गया था। इसके साथ ही चंदा बाबू के तीसरा बेटा जो इस पूरे मामले का चश्मदीद था, उसकी तीसरे बेटे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

घटना 16 अगस्त 2004 की

घटना 16 अगस्त 2004 की

घटना 16 अगस्त 2004 की है जब सुबह करीब 10 बजे आफताब,झब्बू मियां, राजकुमार शाह, शेख अशलम, मोनू उर्फ सोनू उर्फ आरिफ हुसैन, मकसूद मियां समेत कुछ अन्य लोग चंदा बाबू की दुकान पर पहुंचे। वहां चंदा बाबू के बेटे राजीव रोशन, सतीश राज मौजूद थे। उन्होंने सभी को चाय पिलाई। इस दौरान 2 लाख रुपए की मांग की गई। जिस पर राजीव ने कहा कि वो थोड़ा बहुत दे सकते हैं लेकिन 2 लाख नहीं। यह बात राजीव ने कही थी कि तुरंत आफताब और झब्बू मियां ने राजीव को थप्पड़ मार दिया।

भाईयों को पिटता देख

भाईयों को पिटता देख

इसके बाद उनके बाकी साथियों ने भी राजीव को मारना शुरू कर दिया। इस दौरान सतीश ने अपने भाई को पिटता देख अपनी ही दुकान की गोदाम में रखी एसिड की बोतल लाया और एक मग में उड़ेल कर बाहर मार पीट कर रहे लोगों पर उछाल दिया। एसिड के छीटें पड़ते ही राजीव दबंगों की चंगुल से भागा और बगल की एक दुकान में छिप गया लेकिन उनके सतीश उन लोगों की पकड़ में आया जिसे वो लोग उठा ले गए। इसके बाद राजीव के भाई गिरीश को भी बाइक पर बिठा कर दबंग लेकर चले गए। इतना ही नहीं थोड़ी देर बाद जब राजीव दुकान के बाहर निकला तो उसे भी पकड़ लिया गया।

तब तेजाब से नहला दिया दो भाईयों को

तब तेजाब से नहला दिया दो भाईयों को

फिर शहाबुद्दीन सलाखों से बाहर आया और अपने घर में ही गिरीश और सतीश को तेजाब से नहला कर मार डाला गया। वो दोनों जल राख हो गए और राजीव सब कुछ देखता रहा। राजीव को इसलिए जिंदा रखा गया ताकि चंदा बाबू के आने पर उनसे रजिस्ट्री कराई जाए और फिर पूरे परिवार को मार दिया जाए।

राजीव पर शहाबुद्दीन की नजर थी

राजीव पर शहाबुद्दीन की नजर थी

लेकिन राजीव को यह पता चल गया और वो देर रात भाग निकलने में कामयाब हो गया। फिर वो कुछ समय तक यूपी के पडरौना और कुशीनगर में रहा। वो वापस आया और उसकी शादी भी हुई। हालांकि राजीव पर शहाबुद्दीन की नजर थी और उसकी भी हत्या 16 जून 2014 को कर दी गई। इसके बाद घर में फिर से मातम फैल गया। बीते साल सितंबर में शहाबुद्दीन सीवान जेल से बाहर आने के बाद चंदा बाबू ने सरकार के गुहार लगाई थी कि उसे दोबारा जेल भेजा जाए।

बीते साल मिली थी जमानत

बीते साल मिली थी जमानत

शहाबुद्दीन को जून 2014 में हुए बहुचर्चित राजीव रौशन हत्याकांड में आरोपी बनाया गया है। इस मामले में पटना हाई कोर्ट ने 11 सितंबर 2016 को शहाबुद्दीन को जमानत दे दी थी।

ये भी पढ़ें: पटना हाईकोर्ट से शहाबुद्दीन को झटका, तेजाब कांड में उम्र कैद की सजा बरकरार

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English summary
Who is mohammad shahabuddin and what is acid attack case in siwan bihar chanda-babu-rajiv-girish
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