Bihar Weather News: मॉनसून की विदाई,ठंड की दस्तक,पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया जैसे शहरों में हल्की ठंड
Bihar Weather News: बिहार में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। लंबे समय से जारी बारिश अब लगभग थम चुकी है और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने आधिकारिक रूप से राज्य से विदाई शुरू कर दी है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने पुष्टि की है कि बिहार के कुछ हिस्सों से 10 अक्टूबर को मॉनसून लौट चुका है और अगले 3 से 4 दिनों में शेष जिलों से भी इसकी वापसी हो जाएगी।
बिहार में बारिश की कोई संभावना नहीं
इसका मतलब यह है कि अब राज्य में "नो रेन डे" का दौर शुरू होगा और मौसम अधिकतर शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 17 अक्टूबर तक पूरे बिहार में बारिश की कोई संभावना नहीं है और आगे भी किसी बड़े सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।

मॉनसून की विदाई,तापमान में उतार-चढ़ाव
मॉनसून की विदाई के साथ ही तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलना शुरू हो गया है। पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया जैसे शहरों में सुबह व शाम के समय हल्की ठंडी हवा महसूस की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में तो हल्का कोहरा और फसलों पर ओस की परत भी दिखने लगी है।
तापमान में हो सकती है गिरावट
दिन के समय धूप खिली रहती है, जिससे दोपहर में हल्की गर्मी बनी रहती है, लेकिन शाम होते-होते मौसम सुहाना और ठंडा हो जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले सप्ताह से रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है, जिससे सर्दी की शुरुआती आहट और तेज़ हो जाएगी।
अक्टूबर का चौथा सप्ताह ख़ास
अक्टूबर का चौथा सप्ताह बिहार के मौसम के लिए खास माना जा रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि इस दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं का प्रवाह बढ़ जाएगा, जो सर्दी की औपचारिक शुरुआत का संकेत होगा। नवंबर के पहले सप्ताह से सुबह के समय कोहरा घना हो सकता है और रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे जाने की संभावना है।
क्या है एक्सपर्ट का मानना?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बिहार में सर्दी सामान्य से थोड़ी अधिक कड़ी और लंबी हो सकती है, क्योंकि एल नीनो प्रभाव कमजोर होने लगा है और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार बढ़ रहे हैं। फिलहाल राज्य में आर्द्रता का स्तर 70 से 80 प्रतिशत के बीच बना हुआ है, लेकिन बारिश न होने के कारण हवा में नमी लगातार कम हो रही है।
नमी में कमी का सीधा असर यह होगा कि ठंडी हवाएं अधिक तेज़ी से महसूस होंगी और सर्दी का असर शरीर पर अधिक पड़ेगा। बदलते मौसम के इस दौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए रात के समय गर्म कपड़ों का उपयोग ज़रूरी बताया जा रहा है।
मॉनसून की विदाई से किसानों को राहत
मॉनसून की विदाई से किसानों को भी राहत मिली है। धान की कटाई के इस समय में बारिश रुकने से फसल को नुकसान का खतरा कम हो गया है। साथ ही रबी फसलों की बुवाई की तैयारियों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों को अभी से हल्के गर्म कपड़े तैयार रखने, सुबह-सुबह धुंध से सावधान रहने और बदलते मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि बिहार में अब मानसून का अध्याय समाप्त होने वाला है और राज्य धीरे-धीरे ठंड के मौसम में प्रवेश कर रहा है।












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