बिहार: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को लग सकता है बड़ा झटका, 24 जून को होगा फ़ैसला
भाजपा के फायरब्रांड दिग्गज नेता केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अपनी बयानबाज़ी को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं, लेकिन अब उनकी मुश्किलें बढ़ती हुई नज़र आ रही हैं।
पटना, 11 जून 2022। भाजपा के फायरब्रांड दिग्गज नेता केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह अपनी बयानबाज़ी को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं, लेकिन अब उनकी मुश्किलें बढ़ती हुई नज़र आ रही हैं। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा की मांग को लेकर 2014 में ट्रेन रोकी गई थी। अब उस मामले में गिरिराज सिंह और रामसूरत के खिलाफ़ आरोप तय माना जा रहा है। सोनपुर के रेलवे कोर्ट से स्पीडी ट्रायल की वजह से यह मामला सांसद/विधायक के विशेष कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है।

गिरिराज सिंह की बढ़ सकती है मुश्किलें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समेत 23 आरोपितों पर स्पीडी ट्रायल ट्रेन परिचालन ठप कराने के मामले में चलेगा। आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर जंक्शन पर ट्रेनों को रोकने के मामले में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार के भूमि सुधार और राजस्व मंत्री रामसूरत राय, वीणा देवी (सांसद, वैशाली) और सुरेश कुमार शर्मा (पूर्व मंत्री) समेत भाजपा और रालोसपा के 23 नेताओं की विशेष कोर्ट में शुक्रवार को पेशी हुई। विशेष कोर्ट के जज विकास मिश्रा ने सभी आरोपितों के मामले को सुना। वहीं सभी आरोपितों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत ठहराया। वहीं विशेष कोर्ट आरोपों पर 24 जून को अगली सुनवाई करेगा।

RPF इंस्पेक्टर के बयान पर FIR दर्ज
28 फरवरी 2014 को मुजफ्फरपुर जंक्शन पर आरोपितों ने रेल परिचालन ठप कराया था। उनकी मांग थी कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए। इस बाबत 23 नामजद समेत 50- 60 के खिलाफ आरपीएफ के तत्कालीन इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई थी। बयान के मुताबिक नई दिल्ली दरभंगा बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस और सोनपुर नरकटियागंज पैसेंजर ट्रेन गिरिराज सिंह के नेतृत्व में रोकने का आरोप है। इसके साथ ही रेल के इंजन पर खड़ा होकर नेताओं द्वारा नारेबाजी करने का भी आरोप है।

MP/MLA के विशेष कोर्ट में भेजा गया मामला
अरविंद कुमार (तत्कालीन जिलाध्यक्ष, भाजपा), देवीलाल, केपी पप्पू (वार्ड पार्षद), अंजू रानी, अशीष साहू और देवांशु किशोर समेत कई नेता कोर्ट में हाज़िर हुए। आपको बता दें कि सभी नेता और कार्यकर्ता इस मामले में अभी बेल पर है। ट्रेन परिचालन ठप कराने के मामले में सभी आरोपितों पर स्पीडी ट्रायल चलेगा। इस बाबत मामले को सोनपुर स्थित रेलवे कोर्ट से मुजफ्फरपुर स्थित एमपी/ एमएलए के विशेष कोर्ट में भेज दिया गया है। ग़ौरतलब है कि स्पीडी ट्रायल शुरू कर दागी नेताओं पर दर्ज मामले का छह माह में निष्पादन करने का आदेश दिया गया है।

रेलवे एक्ट के तहत मामले में लिया गया था संज्ञान
केंद्रीय मंत्री के अधिवक्ता अशोक कुमार की मानें तो सारांश सुनने के बाद मामला साक्ष्य पर चला गया है। मामले में आरोपितों की ओर से पहली बार विशेष कोर्ट में हाजिरी हुई है। गवाहों को समन कर मामले में बयान दर्ज कराया जायेगा। इस बाबत आरपीएफ इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह, अविनाश करोसिया, अन्य अधिकारियों और जवानों को गवाह बनाया गया है। आरोपितों पर आरपीएफ की तरफ़ से चार्जशीट दायर किया जा चुका है। इस मामले में रेलवे एक्ट की धारा 145, 146, 147 और 174 के तहत सभी पर कोर्ट ने संज्ञान लिया था।
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