Tomato Price News: टमाटर ने किचन का बजट ही नहीं बॉर्डर पर तैनात जवानों की भी बढ़ा दी हैं मुश्किलें
Tomato Price News Update: बिहार में करीब दो महीने पहले टमाटर के सही दाम नहीं मिलने से किसान मायूस थे। अब हालात यह हैं कि टमाटर के दाम बढ़ने से ग्राहक कम हो गए हैं। जहां पहले लोग 1 किलो टमाटर लेते थे, अब 250 ग्राम ले रहे हैं। लोगों के किचन का बजट तो बिगड़ा ही, वहीं बॉर्डर पर तैनात जवानों की भी परेशानी बढ़ गई है।
पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जैसे बॉर्डर के करीब इलाकों में टमाटर की कीमत 100 रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर चुकी है। अब सवाल यह उठता है कि टमाटर के दाम बढ़ने से बॉर्डर पर तैनात जवानों की मुश्किलें कैसे बढ़ गई?

अररिया जिले के बॉर्डर पर तैनात जवानों की मानें तो इंडो नेपाल-बॉर्डर पर के ज़रिए टमाटर की तस्करी की संभावना बनी हुई है। यह वजह है कि दिन रात बॉर्डर पर कड़ी निगरानी की जा रही है। इसलिए मेंस लैंड पर भी सख्ती बढ़ाई गई है।
भारतीय बाजारों में टमाटर के दामों के इज़ाफ़ा के बाद यह चीन से टमाटर की तस्करी संभावना जताई जा रही है। नेपाल के रास्ते तस्कर भारत में टमाटर की तस्करी को अंजाम दे सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि नेपाल में चीन से टमाटर आता है।
भारतीय बाज़ारों के मुकाबले नेपाल में टमाटर के दामों में इज़ाफ़ा नहीं हुआ है, जिस दाम पर पहले टमाटर बिकता था, उसी दाम पर अभी भी मिल रहा है। भारत की बाजारों में नेपाल के जरिए चीन सेंधमारी कर सकता है। चर्चा यह है कि चीन भारत की सीमावर्ती इलाकों पर नज़र बनाए हुए है, किसी चीज़ की कमी होने पर तुरंत सप्लाई के जुगाड़ में लग जाता है।
बॉर्डर पर तैनात जवानों का कहना है कि टमाटर के बढ़े दामों के बाद अब चीन अपने पुराने तरीक़े से टमाटर सप्लाई का जुगाड़ बना सकता है। इसलिए बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी प्रकार से तस्करी नहीं हो। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर इलाके में चाइनीज़ सामान खुलेआम बिकता है, टमाटर की तस्करी होने की संभावना है।












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