मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन हाइवे पर 2-2 जगह देना होगा Toll Tax, करोड़ों की लागत से हो रहा Toll Plaza का निर्माण
Munger 2 New Toll Plaza: भागलपुर और आस-पास के इलाकों के लोग मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन हाईवे के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं अब दो दो जगह टोल टैक्स देने के लिए भी तैयार हो जाएं। फिलहाल, बाईपास के पास एनएच-80 पर एक टोल प्लाजा संचालित है।
नए हाईवे के साथ, दो अतिरिक्त टोल प्लाजा निर्माणाधीन हैं, जो दर्शाता है कि इस मार्ग पर दो अलग-अलग बिंदुओं पर टोल वसूला जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) कहलगांव के पास चाय टोला में एक टोल प्लाजा बनाने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

एक और टोल प्लाज़ा बनाने की योजना: इस प्लाजा में छह से आठ लेन के बैरियर गेट होंगे और पैदल चलने वालों के लिए कई सुविधाएँ होंगी। कहलगांव से लगभग 60 किलोमीटर दूर कल्याणपुर के पास एक और टोल प्लाजा बनाने की योजना बनाई गई है।
सुविधाएं और टोल संग्रह: दोनों टोल प्लाजा पर चिकित्सा सुविधाएं और फुट ओवरब्रिज (एफओबी) उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पैदल यात्री सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकेंगे। वर्तमान में, एनएच-80 के साथ भागलपुर बाईपास पर टोल वसूला जाता है, लेकिन जल्द ही यह नए चार लेन वाले राजमार्ग पर भी लागू होगा।
सड़क के रखरखाव के लिए नहीं टोल का राजस्व: अधिकारियों ने कहा कि इन टोल से मिलने वाले राजस्व का उपयोग सड़क के रखरखाव के लिए नहीं किया जाता है। टोल टैक्स मुख्य रूप से निर्माण लागत वसूलने के लिए वसूला जाता है। एक बार जब ये लागत वसूल हो जाती है, तो केंद्र सरकार आमतौर पर टोल बंद कर देती है। रखरखाव की ज़िम्मेदारी विशिष्ट विभागों पर आती है, जो टेंडर-आधारित रखरखाव कार्य के लिए मंत्रालय को रिपोर्ट करते हैं।
निर्माण चरण और लागत: मुंगेर-मिर्जाचौकी फोर-लेन परियोजना को महत्वपूर्ण निवेश के साथ कई चरणों में विभाजित किया गया है। चरण-1 में मुंगेर से खरिया गांव तक 26 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिसकी लागत 1485 करोड़ रुपये है। चरण-2 में खरिया गांव से बाईपास के चौधरीडीह तक 29 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिसकी लागत 1020 करोड़ रुपये है।
चरण-3 में चौधरीडीह से रसूलपुर तक 32 किलोमीटर का खंड शामिल है, जिस पर 1769 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। चरण-4 में रसूलपुर से मिर्जाचौकी तक 36 किलोमीटर लंबी चार लेन की सड़क का निर्माण शामिल है, जिस पर 1198 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
समापन समयरेखा: अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो पूरी परियोजना नौ महीने के भीतर पूरी होने की उम्मीद है। सितंबर 2025 तक दोनों राजमार्ग पैदल यात्रियों के लिए खुल जाने चाहिए। इस विकास से क्षेत्र के निवासियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा का वादा किया गया है।












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