स्कूल में मौजूद नहीं थी शिक्षिका फिर भी लगा रही थी हाज़िरी, जब हुआ खुलासा DEO रह गए दंग

बिहार में नालंदा के छात्र सोनू कुमार के वायरल होने के बाद से ही शिक्षा व्यवस्था हर दिन पोल खुल रही है।

पूर्णिया, 10 जून 2022। बिहार में नालंदा के छात्र सोनू कुमार के वायरल होने के बाद से ही शिक्षा व्यवस्था हर दिन पोल खुल रही है। हाल ही में कटिहार से एक मामला सामने आया था जहां एक कमरे मे ही पूरा स्कूल संचालित किया जा रहा था। वहीं नालंदा के एक गांव से खबर आई थी कि सालों से झोपड़ी में ही स्कूल का संचालन किया जा रहा है। पूरे बिहार से इस तरह की कई ख़बरें सुर्खियों में आई थी। स्कूल के अव्यवस्था का एक मामला अररिया ज़िले से भी प्रकाश में आया था। इनायत खान (ज़िलाधिकारी अररिया) ने औचक निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाई थी और तुरंत कार्रवाई के आदेश भी दिए थे। इसी तरह का एक और मामला पूर्णिया जिले से सामने आया है।

फोटो के ज़रिए हाज़िरि लगाने के आदेश

फोटो के ज़रिए हाज़िरि लगाने के आदेश

पूर्णिया जिले के एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका के कारनामे से ज़िला शिक्षा पदाधिकारी समेत हर कोई हैरान है। वहीं ज़िला शिक्षा पदाधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल जिला शिक्षा पदाधिकारी विश्वनाथ रजक ने शिक्षकों को स्कूल आने के बाद औऱ जाने से पहले हाज़िरि लगाने का आदेश जारी किया था। सभी शिक्षकों को सेल्फी के ज़रिए हाज़िरि लगानी थी। डीईओ के आदेश के मुताबिक सभी शिक्षक अपनी उपस्थिति फोटो के ज़रिए दर्ज करवा रहे थे। लेकिन भवानीपुर एक शिक्षिका ने स्कूल में मौजूद भी नहीं थी और उसकी हाज़िरि पांच दिनों से लगातार लग रही थी।

ग्रमीणों के हंगामा करने पर हुआ खुलासा

ग्रमीणों के हंगामा करने पर हुआ खुलासा

शिक्षिका के कारनामे का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीणों ने मध्यान भोजन नहीं बनने पर हंगामा किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुष्मा कुमारी जो विद्यालय की प्रधानाध्यापिका है कभी स्कूल नहीं आती है। सहायक शिक्षकों द्वारा राम भरोसे स्कूल चल रहा है। जब यह बात मीडिया में आई तो विद्यालय समिति के अध्यक्ष, सचिव और ग्रामीणों ने प्रखंण्ड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन सौंपा। मध्यान भोजन नहीं बनने का कारण पूछा गया तो जानकारी दी गई कि राशि आवंटित नहीं हुई है और ग्रामीणों द्वारा परेशान करने का भी आरोप लगा।

'स्कूल से नदारद रहती हैं प्राधानाध्यापिका'

'स्कूल से नदारद रहती हैं प्राधानाध्यापिका'

विद्यालय समिति के अध्यक्ष सचिव सहित ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका सुषमा कुमारी स्कूल अपनी मर्ज़ी से चलाती हैं। उनके पति रोज़ाना आकर यहां के हालात का जायजा लेते हैं और वह खुद नदारद रहती है। शिक्षा समिति की बैठक भी नहीं होती है। इन सब शिकायतों को सुनने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने पांच दिनों तक मध्यान भोजन बंद होने पर नाराज़गी ज़ाहिर की और कहा कि यह मामला गंभीर इस बाबत एमडीएम प्रभारी और प्रधानाध्यापिका से जवाब तलब किया जाएगा।

शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान

शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान

सारे मामले को संज्ञान में लेने के बाद जब प्रखंण्ड शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार सहनी से हाज़िरि के बारे में पूछा गया को उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापिका सुषमा कुमारी के हाज़िरि की तस्वरीर व्हाट्सएप्प पर रोज़ाना मिल रही है। अब सवाल यह उठता है कि जब वह स्कूल आ ही नहीं रही हैं तो उनकी तस्वीर कैसे मिल रही है। शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों को जो तस्वीर मिल रही है तो उसे सत्यापित कैसे किया जाता है। इस तरह के तमाम सवाल उठ रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग की सांठ-गांठ से यह फ़र्ज़ीवाड़ा किया जा रहा है। क्योंकि जो व्यक्ति स्कूल ही नहीं आ रहा है तो फिर उसकी तस्वीर की हाज़िरि को आखिर अप्रूव कौन कर रहा है। तस्वीर की जांच क्यों नहीं की गई हर रोज़ तो अलग कपड़े, अलग स्थान, अलग एंगल से तस्वीर ली जाती होगी। यह तो मुमकिन ही नही है कि एक तरह की तस्वीर से रोज़ाना हाज़िरि लगाई जाए।

ये भी पढ़ें: बिहार: गांव में नहीं है एक भी मुस्लिम परिवार, हिंदु समुदाय के लोग करते हैं 5 वक़्त नमाज़ अदा

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+