शक्ति मलिक हत्याकांड में लालू के दोनों बेटों के खिलाफ केस, राजद बोली- दोषी हों तो फांसी पर चढ़ा देना
पूर्णिया। लालू यादव की पार्टी राजद के पूर्व नेता रहे शक्ति मलिक हत्याकांड में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। यह बात सामने आते ही मौजूदा सत्ताधारी दल जदयू एवं भाजपा नेताओं ने राजद पर करारे हमले शुरू कर दिए हैं। भाजपा की ओर से कहा गया है कि, लालू के बेटों तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव को जवाब देना चाहिए कि क्या वे इस मामले में गुनहगार हैं?'

शक्ति मलिक हत्याकांड में लालू के बेटों का नाम आया
गौरतलब है कि, शक्ति मलिक पूर्णिया में राजद के ही दलित नेता रहे थे। उन्हें किसी ने मार डाला था। इस मामले में हाल ही राजद नेता तेजस्वी यादव व तेज प्रताप यादव को आरोपी बताते हुए केस दर्ज कराया गया है। इसी के साथ बिहार में सियासी बवाल मच गया है। राजद के अन्य नेता तेजस्वी यादव व तेज प्रताप यादव के बचाव में उतर आए हैं। राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा है कि, 'मामले की जांच करा लो, यदि तेजस्वी यादव दोषी साबित हों तो फांसी चढ़ा देना।'

'अनर्गल बयान देने पर रोक लगाएं'
मनेाज झा ने बिहार के सत्ताधारी दलों भाजपा एवं जदयू को निशाने पर लेते हुए कहा कि, ''सत्ता पक्ष अनुसंधान में सीमेंट-गारा नहीं डाले। जांच चल रही है, और जब हमारे नेता दोषी साबित हों तो भले ही फांसी चढ़ा देना। जदयू-भाजपा कीचड़ उछालना बंद करें। वहीं, राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री शिवानंद तिवारी बोले कि, इस मामले की सीबीआई जांच हो। और, जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाए तब तक मुख्यमंत्री अपने तथा अपने सहयोगी दलों के नेताओं को अनर्गल बयान देने पर रोक लगाएं।'

ये बोले भाजपा के नेता
शक्ति मलिक हत्याकांड पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय मयूख एवं संबित पात्रा ने लालू के बेटों पर सवाल उठाए हैं। संजय मयूख एवं संबित पात्रा ने अपनी पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव इन दोनों नेताओं के नाम एफआईआर में दर्ज है। हम चालते हैं कि, बिहार की जनता को इस बारे में स्थिति साफ होनी चाहिए। भाजपा के मीडिया सह प्रभारी डा. संजय मयूख बोले कि, ''ये लालू परिवार जब सामाजिक न्याय की बात करता है तो दलित नेता की हत्या हो जाती है। जब आर्थिक न्याय की बात करता है, तो पशु बे-चारा और जनता बेचारी हो जाती है।''

संबित पात्रा ने कहा- चुनाव लड़ना चाहते थे शक्ति
संबित पात्रा बोले कि ''पूर्णिया जिले के केहाट थाना क्षेत्र में शक्ति कुमार मलिक, बिहार के जाने-माने दलित युवा नेता थे। वह पहले राजद के अनुसूचित जाति मोर्चा के महासचिव थे, कुछ दिन पहले ही उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। बाद में उनकी हत्या ही कर दी गई। हमने सुना है कि, वे रानीगंज से निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। तो भला किसने उन्हें मारा? उनकी हत्या मामले में तेजस्वी और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव समेत 6 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर हुई है। राजद को अब जवाब देना चाहिए।''












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