Rahul Gandhi Disqualification पर चढ़ा सियासी पारा, तेजप्रताप यादव बोले- BJP के इशारे पर साजिश रची गई
Rahul Gandhi Defamation Case: राहुल गांधी को अयोग्य करार देने के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज़ हो चुकी है, वहीं विपक्ष के नेताओं ने भाजपा सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

Rahul Gandhi Disqualification: राहुल गांधी को दो साल की सज़ा के बाद संसद से अयोग्य करार दे दिया गया है। राहुल गांधी के अयोग्य करार होने के बाद सियासी पारा चढ़ चुका है। विपक्ष के नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। वहीं बिहार के पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव ने भी राहुल गांधी के समर्थन में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरे देश के लोग देख रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी क्या कर रही है। यह साज़िश के तहत किया गया है, सब कुछ भाजपा के इशारे पर किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राहुल गांधी की संसद की सदस्यता ख़त्म होने पर उनके बचाव में बयान दिया है। ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को भाजपा मंत्रिमंडल में शामिल करती है। विपक्षी नेताओं को सिर्फ़ उनके भाषणों के लिए अयोग्य करार दिया जा रहा है। यह संवैधानिक लोकतंत्र के लिए बहुत ही शर्मनाक है। वहीं इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अयोग्य करार देने के लिए सभी हथकंडे अपनाए गए। सच बोलने वालों को भाजपा पसंद नहीं करती है, लेकिन कांग्रेस सच बोलती रहेगी। लोकतंत्र बचाने के लिए जरूरत पड़ने पर जेल भी जाएंगे।
आपको बता दें कि गुजरात कोर्ट ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अपराधिक मानहानि में दोषी करार दिया। गुरुवार को उन्हें दो साल की जेल की सजा भी सुनाई गई, हालांकि राहुल गांधी को ज़मानत मिल गई। कोर्ट द्वारा दो साल की सज़ा सुनाए जाने की वजह से राहुल गांधी की संसद से सदस्यता खत्म कर दी गई है। दो साल की सज़ा सुनाने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 (3) के मुताबिर सांसद संसद सदस्य के लिए अयोग्य हो जाता है। इसी कानून के तहत राहुल गांधी (सांसद, वायनाड) को अयोग्य किया गया है।
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