Success Story: अंग्रेजी नहीं आने पर लोगों ने उड़ाया था मज़ाक, अब English से ही कामयाब हुए सत्यपाल चंद्रा
सत्यपाल चंद्रा की और भी उपलब्धियों के बारे में बात करें तो उनका जन्म बिहार के गया जिले में हुआ। बचपन में काफी मश्किलों मे उनकी ज़िंदगी गुज़री लेकिन आज वह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अंग्रेज़ी नही आने की वजह से...
Success Story Satypal Chandra: अंग्रेज़ी का महत्व देश में दिन पर दिन बढ़ रहा है, ज्यादातर जगहों पर अंग्रेज़ी में ही संवाद करना पड़ता है। अंग्रेजी नहीं आने की वजह से लोगों को शर्मिंदगी भी उठानी पड़ जाती है। आज हम आपको बिहार के एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अंग्रेज़ी नहीं आती थी तो लोग उनका मज़ाक उड़ाते थे। लेकिन उन्होंने अंग्रेजी को ही हथियार बनाया और कामयाबी का परचम लहराया। हम बात कर रहे हैं बिहार के गया जिले से ताल्लुक रखने वाले सत्यपाल चंद्रा कि जिन्होंने अंग्रेज़ी में 11 नॉवल लिखा है। आज उनकी कामयाबी के किस्से हर किसी की ज़ुबान पर है। आइए विस्तार से जानते हैं सत्यपाल चंद्रा के संघर्ष की कहानी।

'अंग्रेजी नहीं आने पर लोगों ने उड़ाया था मज़ाक'
सत्यपाल चंद्रा ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी तो लोग उनका मज़ाक उड़ाते थे। अपना मज़ाक बनता देख सत्यपाल ने अंग्रेजी सीखने का संकल्प लिया। उन्होंने अंग्रेजी तो सीखी इसके साथ ही अंग्रेज़ी में 11 नॉवल भी लिख डाली। सत्यपाल चन्द्रा की 11वीं अंग्रेजी नॉवल का नाम 'ए प्रॉमिस अमंग द डार्क विंड्स' है। उन्होंने नावल लिखने के साथ ही मैगटैप नाम का एक एप्प भी डेवलप किया है। एप्प के बारे में जानकारी देते हुए सत्यपाल ने बताया कि यह दुनिया का पहला पहला विजुअल ब्राउजर है। जो की पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' एप्प है।

सत्यपाल चंद्रा ने अंग्रेज़ी में 11 लिखा नॉवेल
सत्यपाल चंद्रा का जन्म बिहार के गया जिले में हुआ। बचपन में काफी मश्किलों मे उनकी ज़िंदगी गुज़री लेकिन आज वह किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अंग्रेज़ी नही आने की वजह से उन्हें कई मौकों पर बेइज्जती का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने अपने जुनून और ज़ज्बे से पूरे देश में अपनी एक अलग पहचान बाई। अंग्रेजी सीखने के साथ-साथ अंग्रेज़ी में 11 नॉवेल भी लिख दिया।

'इतिहास से जुड़ी मायथोलॉजिकल फिक्शन की कहानी'
सत्यपाल चंद्रा ने अपने द्वारा लिखी 11वीं अंग्रेज़ी नॉवेल की कहानी के बारे में बताया कि मौजूदा समय और 20 हज़ार पहले के इतिहास से जुड़ी मायथोलॉजिकल फिक्शन है। कहानी में सिम्फाला (काल्पनिक शहर) में न्यू ईयर की पूर्व संध्या पर रवि नाम का लड़का बहुत ही हसीन लड़की एनी से बर्फ से लदे पहाड़ों के बीच में मिलता है। ऐनी कोई साधारण युवती नहीं बल्की गोल्डन एंजेल थी जो पृथ्वी पर आकर फंस गई थी और फेयरीलैंड वापस जाने के लिए परेशान थी। रवि जितना ही एनी के बारे में जानने की कोशिश करता है वह उतने ही रहस्यमयी इतिहास में गोता लगाने लगता है। इसी तरह से दोनों के बीच रोमांस शुरु होता है। वहीं एनी को पता चलता है कि रवि एक मॉन्सटर है जो कि उसका सबसे बड़ा दुश्मन है। इस तरह वह दोनों कभी एक दूसरे के नहीं हो सकते हैं। इसी कहानी पर नॉवेल लिखी गई है।

हिंदी भाषी छात्रों के लिए बनाया एप्प
सत्यपाल चन्द्रा 'मैगटैप' एप्प के फाइंडर भी हैं, उन्होंने बताया कि यह एप्प पूरी तरह से 'मेड इन इंडिया' है। दुनिया में पहली बार इस तरह का प्रयोग किया गया है। हिदुस्तान के हिंदी भाषी छात्रों को ध्यान में रखते हुए एप्प का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि नेट पर किसी भी विषय अच्छी जानकारी ढूंढने पर ज्यादातर जानकारी इंग्लिश में ही हैं मिलती है। हिंदी भाषी छात्र अंग्रेज़ी समझने में असमर्थ रहते हैं। 'मैगटैप' के ज़रिए संबंधित विषय पर मिले आर्टिकल के वाक्य और पैराग्राफ को भी हिंदी में ट्रांसलेट कर सकते हैं। इतना ही नहीं देश की 12 अन्य भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है। इसके साथ-साथ अन्य सोशल मीडिया एप्प पर भी लिखी हुई लफ्ज़ों का अनुवाद किया जा सकता है।
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