First President Of India: 6 महीने में महल की तरह दिखेगा डॉ राजेंद्र प्रसाद का पैतृक आवास
डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आवास में सौदर्यीकरण का काम हो रहा है, यह खबर तो आपने पढ़ ली। वहीं ज्यादातर लोगों को यह नहीं मालूम कि आखिर देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का पैतृक आवास कहा है ? । बिहार के सिवान जिला...
सिवान, 6 अक्टूबर 2022। (First President Of India) बिहार में कई ऐसे ऐतिहासिक धरोहर हैं जो पर्यटन के ऐतबार से काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन सरकार की अनदेखी की वजह से गुमनामी का शिकार हो रही है। भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद का पैतृक आवास भी इन धरोहरों में से एक है। जर्जर हो चुके ऐतिहासिक धरोहर का अब सौदर्यीकरण होने जा रहा है। 6 मीहने में सौंदर्यीकरण का काम मुकम्मल होने की बात कही जा रही है। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के धरोहर को संजोने के लिए पटना हाई कोर्ट के निर्देश पर सौंदर्यीकरण का काम ज़ोरों से शुरु हो चुका है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पैतृक आवास का सौंदर्यीकरण
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की तरफ से डॉ. राजेंद्र प्रसाद का पैतृक आवास का सौंदर्यीकरण कार्य किया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक इस पूरे काम में 18 लाख रुपए की लागत आएगी। इसके साथ ही 6 महीने काम के पूरा होने की उम्मीज जताई जा रही है। फिलहाल आवास के बॉन्ड्रीवॉल का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही भवन के अंदर घूमने के लिए पाथवे भी वनवाया जा रहा है ताकि लोग आसानी से भवन भ्रमण कर सकें।

सिवान जिरादेई में है डॉ. राजेंद्र प्रसाद का पैतृक आवास
डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आवास में सौदर्यीकरण का काम हो रहा है, यह खबर तो आपने पढ़ ली। वहीं ज्यादातर लोगों को यह नहीं मालूम कि आखिर देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का पैतृक आवास कहा है ? । बिहार के सिवान जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूरी पर उनका मकान स्थित है। 9 महीने पहले पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल कुछ अधिवक्ताओं के साथ जीरादेई डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पैतृक आवास घूमने गए थे।

केंद्र और राज्य सरकार से कोर्ट ने किया जवाब तलब
सिवान के जिरादेई स्थित मकान में डॉ राजेंद्र प्रसाद के प्रतिमा पर पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल ने माल्यार्पण किया था। इसके बाद वह पटना के लिए रवाना हो गए थे। इस वाक्या के कुछ दिनों के बाद ही पटना के एक अधिवक्ता याचिका दायर की थी। जिसमें देशरत्न डॉ राजेंद्र बाबू के पैतृक आवास सहित अन्य स्मारकों की दयनीय स्थिति का हवाला दिया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद जांच के लिए टीम गठित की थी। जांच टीम के रिपोर्ट के बाद केंद्र और राज्य सरकार से पटना हाईकोर्ट ने जवाब तलब किया था। जिसे बाद में सौदंर्यीकरण के लिए फंड जारी किया गया और फिर काम शुरु हुआ है।

महल की तरह दिखेगा डॉ. राजेंद्र प्रसाद का मकान
देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के पैतृक आवास में सौंदर्यीकरण कार्य होने पर स्थानीय लोगों ने खुशी का इज़हार किया। उन्होंने कहा कि बिहार में कई एतिहासिक धरोहर है, सरकार को उन सब पर भी ध्यान देना चाहिए। एतिहासिक धरोहर को संजो के रखने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और बिहार अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की अलग पहचान बनेगी। देश के प्रथम राष्ट्रपति बिहार से थे, पर्यटक उनके पैतृक आवास को देखने भी आते थे तो, मकान की जर्जर हालत को देखकर निराश लौट जाते थे। अब सौंदर्यीकरण का काम हो रहा है, फिर से यह भवन महल की तरह दिखने लगेगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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