मुंबई में हाईटाइड का खतरा, स्कूल-कॉलेज बंद, IMD के Red Alert पर नासिक, सीएम ने नागरिकों के लिए जारी की चेतावनी
Mumbai Rain: मुंबई में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच आने वाले कुछ घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चेतावनी दी है कि मुंबई में आज दोपहर 3 बजे के बाद हाई टाइड आने की आशंका है।सीएम ने मुंबई के नागरिकों से अपील की है कि वे बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और विशेष रूप से समुद्र तटों से दूर रहें।
वहीं हाई टाइड के समय शहर में भारी बारिश जारी रहती है, तो मुंबई के निचले इलाकों में गंभीर जलभराव (वॉटरलॉगिंग) की स्थिति पैदा हो सकती है। प्रशासन इस स्थिति से निपटने के लिए सड़कों पर उतर चुका है।

Mumbai Weather: मुंबई में कैसा रहेगा मौसम?
इसके साथ ही, मुंबई और उसके आस-पास के तटीय इलाकों में दोपहर के बाद तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन टीम के अनुसार, हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रालय के आपदा नियंत्रण कक्ष (डिजास्टर कंट्रोल रूम) में हाई लेवल मीटिंग की। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही भारी बारिश के बाद प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने नागरिकों के लिए क्या जारी की चेतावनी?
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के नागरिकों, विशेष रूप से मुंबई और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण गाइडलाइन और चेतावनियां जारी कीं। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के खतरों को देखते हुए सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया गया है। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने का काम तेजी से पूरा किया गया है।
पर्यटन स्थलों की यात्रा टालने की अपील की गई
कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में 70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं और रेड अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने लोगों से पर्यटन स्थलों की यात्रा टालने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
नासिक में रेड अलर्ट, स्कूल किए गए बंद
मुंबई के अलावा राज्य के अन्य जिलों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। मौसम विभाग की भविष्यवाणियों को देखते हुए नासिक जिले को कल के लिए 'हाई अलर्ट जोन' घोषित किया गया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने नासिक के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया है ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी या सुरक्षा संबंधी खतरे का सामना न करना पड़े।
पालघर-वसई में भारी तबाही
इस मानसून सत्र में पालघर और वसई-विरार क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन क्षेत्रों में भारी जलभराव के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थानीय प्रशासन और राहत दल लगातार बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने के काम में जुटे हुए हैं। बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने के युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं।
हवाई सेवाएं प्रभावित, एयर इंडिया और इंडिगो ने जारी की एडवाइजरी
भारी बारिश और खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। एयर इंडिया और इंडिगो ने मुंबई और दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानों को लेकर एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों को आगाह किया है कि प्रतिकूल मौसम के कारण उड़ानों में देरी या संचालन प्रभावित हो सकता है। एयरलाइन ने यात्रियों से एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का ताज़ा स्टेटस जरूर जांचने की अपील की है।
परिवहन और रेलवे सेवाएं बाधित, रूट किए गए डायवर्ट
मूसलाधार बारिश का सबसे बड़ा असर यातायात और परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है। गुजरात से मुंबई की ओर आने वाली रेलवे सेवाएं भारी बारिश और ट्रैक पर पानी भरने के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। यात्रियों की भीड़ और असुविधा को कम करने के लिए रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग यानी मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते भेजने की व्यवस्था की है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बंद हुआ
इसके अलावा, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन के बाद यातायात ठप्प हो गया है। भूस्खलन और सुरक्षा कारणों से इस व्यस्त हाईवे की केवल तीन लेन ही वर्तमान में चालू रखी गई हैं, जिसके कारण वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। राजमार्ग पुलिस और आपदा प्रबंधन दल मौके पर मौजूद हैं और ड्राइवरों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी जा रही है।
नदियों का बढ़ा जलस्तर
कोंकण क्षेत्र और पश्चिमी घाट के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने नदियों के जलस्तर को खतरे के निशान तक पहुंचा दिया है। रायगढ़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सावित्री नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। तटीय बेल्ट के साथ-साथ लोनावला और महाबलेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों पर भी मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है।
पश्चिमी घाट सेक्टर में बढ़ी चुनौती
पश्चिमी घाट के पहाड़ी क्षेत्रों में बहने वाली अन्य छोटी-बाढ़ी नदियां भी उफान पर हैं, जिससे आस-पास के मैदानी गांवों में बाढ़ का वास्तविक खतरा मंडराने लगा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन की टीमें हर एक घटना पर करीब से नजर रख रही हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय राहत बलों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
जिलों में जारी किया इमरजेंसी नंबर
राज्य सरकार ने सभी संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों को हर पल की रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है। इमरजेंसी सर्विस और हेल्पलाइन नंबरों को जारी कर दिया गया है ताकि संकट की इस घड़ी में हर नागरिक को तुरंत सरकारी सहायता मिल सके। मुंबई में मूसलाधार बारिश ने मचाया तांडव, लैंडस्लाइड के बाद पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे बंद, कई ट्रेनें हुई कैंसिल












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