बहन को पति बनाने के लिए BPSC टीचर ने पार की सारी हदें! जेंडर बदल रचाई शादी, राहुल-नयनश्री की अनोखी लव स्टोरी
BPSC Teacher Marries Cousin After Her Gender Transition: बिहार के जमुई जिले से सामने आया एक मामला इन दिनों पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां सरकारी स्कूल में नियुक्त एक शिक्षिका ने अपनी फुफेरी बहन से शादी कर ली। खास बात यह है कि शादी से पहले बहन ने जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी कर पुरुष पहचान हासिल की थी। शादी की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद दोनों परिवारों में विवाद शुरू हो गया।
मामला केवल रिश्तेदारी या प्रेम संबंध तक सीमित नहीं है, बल्कि जेंडर ट्रांजिशन, पारिवारिक विरोध और कानूनी पहलुओं की वजह से भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों बचपन से साथ पढ़ीं, साथ रहीं और बाद में उनका रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़ गया। फिलहाल शादी के बाद दोनों घर छोड़कर कहीं चले गए हैं और उनके बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं है।

मंदिर में रचाई शादी
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय नयनश्री कुमारी और 24 वर्षीय राहुल कुमार (पूर्व में राखी कुमारी) ने 31 मई 2026 को जमुई के पटेश्वर नाथ मंदिर में विवाह किया। शादी में बहुत कम लोग शामिल हुए थे। मंदिर में दोनों ने वरमाला पहनाई और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। शादी के बाद दोनों राहुल के गांव पहुंचे, जहां परिवार की मौजूदगी में कुछ पारंपरिक रस्में भी हुईं।
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फोन पर मिली शादी की खबर
राहुल की मां सुशीला देवी ने बताया कि उन्हें शादी की जानकारी पहले से नहीं थी। बाद में फोन के जरिए इस बारे में पता चला। उन्होंने कहा कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे, लेकिन परिवार को कभी उनके रिश्ते का अंदाजा नहीं हुआ। क्योंकि दोनों बहनें थीं, इसलिए किसी ने इस दिशा में सोचने की जरूरत भी नहीं समझी।

बचपन की दोस्ती कब बदली प्यार में
नयनश्री और राहुल फुफेरी बहन हैं। दोनों परिवारों के बीच पहले से अच्छे संबंध रहे हैं और बचपन से उनका एक-दूसरे के घर आना-जाना था। साल 2019 में दोनों ने साथ में मैट्रिक की परीक्षा पास की। इसके बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई के दौरान दोनों एक ही कोचिंग में पढ़ने लगीं। परिवार के लोगों के अनुसार इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
बाद में दोनों ने एक ही संस्थान से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान वे एक ही हॉस्टल के कमरे में रहती थीं। कॉलेज, कोचिंग और अन्य कामों के लिए भी दोनों अक्सर साथ देखी जाती थीं।
पटना में तैयारी के दौरान बढ़ा रिश्ता
ग्रेजुएशन के बाद दोनों ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की तैयारी करने का फैसला किया। इसके लिए वे पटना चली गईं। परिवारों को दोनों पर भरोसा था, इसलिए पढ़ाई के लिए साथ रहने की अनुमति मिल गई। इसी दौरान दोनों का रिश्ता और मजबूत हुआ।
साल 2025 में नयनश्री ने BPSC परीक्षा पास कर ली। TRE-3 शिक्षक भर्ती के तहत उनका चयन हुआ और वर्तमान में वह लक्ष्मीपुर के मेदनीपुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।
जेंडर ट्रांजिशन के लिए लिया गया लोन
गांव के वार्ड सदस्य राजेश कुमार ने बताया कि करीब छह महीने पहले राखी कुमारी ने जेंडर ट्रांजिशन की प्रक्रिया पूरी की थी और इसके बाद उनकी पहचान राहुल कुमार के रूप में हुई। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के लिए नयनश्री ने अपने नाम से करीब 8 लाख रुपये का बैंक लोन लिया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नयनश्री को आशंका थी कि यदि वह खुद जेंडर ट्रांजिशन करातीं तो सरकारी नौकरी पर असर पड़ सकता था। इसी वजह से दोनों ने मिलकर यह फैसला लिया।
दिल्ली में कराया ऑपरेशन
बताया जा रहा है कि राखी ने परिवार को जानकारी दिए बिना दिल्ली के AIIMS में जेंडर ट्रांजिशन से जुड़ी चिकित्सा प्रक्रिया कराई। करीब एक महीने तक अस्पताल में रहने के बाद जब वह घर लौटीं तब परिवार को पूरे मामले की जानकारी मिली। इसके बाद घर में इस विषय को लेकर चर्चा शुरू हुई।
शादी के बाद बढ़ा पारिवारिक विवाद
राहुल की बड़ी बहन रेणु देवी के अनुसार, शादी के बाद नयनश्री के परिवार के लोग उनके घर पहुंचे और इस रिश्ते का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान काफी हंगामा हुआ। हालात बिगड़ते देख दोनों को घर के पिछले हिस्से से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार का कहना है कि दोनों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं।
मोबाइल खरीदने का बहाना बनाकर निकली थी
रेणु कुमारी ने बताया कि 31 मई की सुबह राखी यानी राहुल ने घर वालों से कहा था कि वह नया मोबाइल खरीदने जा रहा है।परिवार को लगा कि वह सामान्य काम से बाहर गया है, लेकिन बाद में जानकारी मिली कि उसी दिन मंदिर में शादी हो चुकी है। परिवार को न तो शादी की तारीख पता थी और न ही इसकी कोई तैयारी दिखाई दी थी।
पड़ोसियों को भी नहीं था अंदाजा
गांव के रहने वाले लोगों ने बताया कि नयनश्री बेहद शांत और साधारण स्वभाव की लड़की रही हैं। उनके अनुसार, नयनश्री को फैशन या दिखावे का शौक नहीं था। वह हमेशा पढ़ाई और अपने काम पर ध्यान देती थीं। गांव में भी उन्हें अक्सर राखी के साथ ही देखा जाता था। लोगों ने बताया कि नयनश्री के पिता पटना सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं और परिवार की छवि भी सामान्य और मिलनसार रही है।
पुलिस ने क्या कहा
मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने डायल-112 को सूचना दी थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अब तक किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि भविष्य में कोई शिकायत मिलती है तो कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस बारे में क्या कहता है कानून?
भारत में वर्तमान कानून के तहत विवाह की मान्यता पुरुष और महिला के बीच होने वाले विवाह को ही दी जाती है। हिंदू मैरिज एक्ट और स्पेशल मैरिज एक्ट में भी इसी व्यवस्था का प्रावधान है। साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने की मांग वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए कहा था कि इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार संसद के पास है।
हालांकि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने नवतेज सिंह जोहर मामले में समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया था। इसके बाद बालिग व्यक्ति आपसी सहमति से साथ रह सकते हैं और ऐसे रिश्ते अपराध नहीं माने जाते। देश की विभिन्न अदालतें समय-समय पर बालिग जोड़ों के साथ रहने के अधिकार को भी संरक्षण देती रही हैं।












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